कारवाही करे से काय डरत अधिकारी

अनशन में हदयदयाल को परिवार
अनशन में हदयदयाल को परिवार

जिला महोबा, ब्लाक चरखारी, गांव रिवई। एते 7 मार्च 2014 खा हरदयाल को एक्सीडेंट धर्मेन्द्र ओर महेन्द्र की मोटर साइकिल से भओ हतो। जीमें हरदयाल के खोपड़ी की नसे फट गई, ओर तीन पसलिया टूट गई हती। जीसे ऊखे इलाज करायें खा झांसी रिफर कर दओ हतो। वापसी आके हरदयाल 21 अप्रैल 2014 खा चरखारी कोतवाली में रिपोर्ट लिखाईे तो नई लिखी। जीसे ऊने 28 मई 2014 को कचहरी में अनिश्चित काल खा धरना करो हे।
हरदयाल ने बताओ कि जभे मोई रिपोर्ट नई लिखी तो मेने 21 अप्रैल 2014 खा एस.पी. खा दरखास दई। ऊखो आरोप हे कि 19 मई 2014 को कोतवाली के एस.आई. जगतराम यादव ने बुला के मोसे कागज में अंगूठा लगवा लओ इलाज खा दस हजार रूपइया दये। मेने दुबारा से ईखी दरखास एस.पी. खा दई, तो रात में धर्मेन्द्र ओर महेन्द्र असलहा लेके ेघर आओ ,जाति सूचक गाली गलौज ओर जान से मारे की धमकी दई हे। मेने 22 मई 2014 खा डी.एम ओर एस.पी. खा दरखास देके कहो कि अगर कारवाही न करी जेहे तो 28 मई 2014 खा अनशन कर हों, पे कोनऊ अधिकारी ने सुनवाई नई करी हे। मेने 28 मई 2014 खा कचहरी में अनशन करो हे, जीमें लड़का भूपेन्द्र ओर मिथलेश की तबियत खराब हो गई हती। चरखारी कोतवाली के एस.ओ. आर.एस.एस. तिवारी ने बताओ कि पेहले ऊखो मुकदमा धारा 279 (लापरवाही से दुर्घटना) 337 (तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना) 338 (धक्का मारना) लिख गओ हतो। ऊने आपस में समझौता कर लओ हतो। अब दूबारा से ऊ (एस.सी.एक्ट) के तहत लिखाउत हे।