कागज़ों में फंसे – खराब नसबंदी पर नहीं मिल रहा है तीस हज़ार का मुआवज़ा

फैज़ाबाद की शकुंतला
फैज़ाबाद की शकुंतला

2013 में नसबंदी करवाने के बाद 15 अगस्त 2014 को मुझे बच्चा पैदा हुआ। मुआवज़ा मांगो तो कहते हैं कि आपरेशन के बाद पूर्व सी.एम.ओ. ने कार्ड पर साइन नहीं किया था। आशा कहती है कि भागदौड़ के बाद भी साइन ना हो पाया।
– शकुंतला, गांव बैंतीकला, ब्लाक बीकापुर, जिला फैजाबाद

2010 में मेरी पत्नी लालमनी ने नसबन्दी करवाई पर उसके बाद एक बच्चा पैदा हुआ। शिकायत करने पर मुआवज़े का फार्म भरवाया गया और मुझ से कहा मै नयबंदी करा लूं। चार साल से मुआवज़े के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं।
– छोटेलाल, जिला चित्रकूट

2011 में नसबंदी कराने के बाद 1 जुलाई 2014 को मुझे बच्चा हुआ। मुझे नहीं पता था कि ऐसी स्थिति में मुआवजा मिलता है। खबर लहरिया में मेरी खबर छपने के बाद मंैने नसबंदी प्रमाण पत्र, निर्वाचन पहचान पत्र और फोटो आषा के साथ सी.एम.ओ. के पास जमा की है।
– कमला, गांव पपरेंदा, ब्लाक तिंदवारी, जिला बांदा