कांगड़ा में भयंकर हादसे में बहादुर राजकुमार ने बचाई बच्चों की जाने

साभार: यूट्यूब

9 अप्रैल को हिमाचल के कांगड़ा जिले में नूरपुर में मलकवालठेहड़ संपर्क मार्ग पर बच्चों को छोड़ने जा रही एक निजी स्कूल बस के 500 मीटर गहरी खाई में गिर जाने से उसमें सवार 23 बच्चों ड्राइवर सहित 27 लोगों की मृत्यु हो गई।
बस में सवार सभी बच्चे प्राइमरी कक्षाओं के थे। दुर्घटनाग्रस्त हुई स्कूल बस को 67 साल का सेवानिवृत्त सेना का कर्मचारी चला रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह दिल का मरीज था और उसे पहले भी दो बार दिल का दौरा पड़ चुका था।
बताया जा रहा है कि बस की हालत भी खस्ता थी और स्कूल प्रशासन पैसा बचाने के लिए खटारा बस में ही बच्चों को घर छोड़ता और लाता था। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त बस चालक एक मोटरसाइकिल को पास दे रहा था। वह गलती से बस को एक फिसलने वाली ढलान पर ले गया और बस अनियंत्रित होकर 200 मीटर से भी ज्यादा गहरी खाई में लुढ़क गई।
इसी हादसे के दौरान 20 साल के राजकुमार ने सड़क पर जाते एक रोते हुए बच्चे को देखा। बच्चे से पूछा तो पता चला कि बस खाई में गिर गई है। यह बात सुनने के बाद राजकुमार अपने कुछ साथियों के साथ हादसे वाली जगह पर पहुंचा। खाई में उतरे तो बस में से बच्चों के रोने की आवाजें सुनाई दीं। राजकुमार ने अपने साथियों को भी नीचे बुलाया और घायल बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। सभी ने मानव शृंखला बनाकर छोटेछोटे रास्तों से जख्मी बच्चों और शवों को बाहर निकाला।