क़र्ज़ माफ़ी के नाटक के बाद बुन्देलखण्ड को सूखा क्षेत्र से बाहर करने की कोशिश

जिला बांदा कस्बा बांदा। 9 सितम्बर से 11 सितम्बर 2017 का भारतीय किसान यूनियन और किसान धरना प्रदर्शन करिन हैं। काहे से सरकार कर्ज माफ करे के बाद बुन्देलखंड का सूखा क्षेत्र से बाहर करे के कोशिश करिस है। जेहिके खातिर डी.एम. महेन्द्र बहादुर सिंह का कहब है कि, सूखा से निपटे के खातिर हम तैयार रहित है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी और सदस्य बैजनाथ का कहब है कि, या साल पचास प्रतिशत से कम पानी बरसा है। जेहिसे किसानन के फसल नहीं भे आय। डी.एम. के लगे सूखा घोषित करै खातिर दरखास दीने हन पै अबै तक बुन्देलखंड का सूखा घोषित नहीं कीन गा आय। लगभग निन्यानवे सौ पात्र किसानन मा इक्यावन सौ किसानन का कर्जमाफी का फायदा मिला है। शासन प्रशासन से मदद न मिले के कारन किसान आत्महत्या करै का मजबूर होई जात हैं।
किसान कल्लू और जागेश्वर का कहब हवै कि, पानी न बरसे के कारन पिछली और अगली सबै फसल बरबाद है। काहे से जउन फसल बोई है सब सूखी जात है। मूंग और ऊर्दा तौ खेतन मा सूख गे हैं। जउन फसल बोवै का है पानी न बरसे के कारन नहीं बोई जात आय।
बाईलाइन-गीता

21/09/2017 को प्रकाशित