कहीं हो ना जाए दुर्घटना

जिला वाराणसी, ब्लाक काशी बिद्यापीठ। इ बलाक के पड़ाव चैराहा से बहादुरपुर जाए वाली सड़क लगभग एक किलोमीटर तक करीब पन्द्रह साल से खराब हव। इ सड़क से करीब पन्द्रह हजार लोग रोज आवल जाल करलन। इ सड़क चन्दौली आउर वाराणसी जिला के बार्डर पर होवे से इ सड़क के सुनाई नाहीं होत हव।
इहां पान के दुकान लगावे वाले राकेश पान भण्डार, अनुज अहमद, बंसराज समेत लगभग पन्द्रह लोग के कहब हव कि हमने केतना दिन से एही रास्ते से आवत जात हई। लेकिन प्रशासन भी कउनो धियान नाहीं देहलेस। इ सड़क के लेके केतना धरना प्रदर्शन भयल। विधायक से लेके पी. डब्ल्यू. डी. तक के लोग अइलन लेकिन कउनों सुनवाई नाहीं भयल। हमने के दुकान वालन के भी केतना नुकसान होत हव। अगर इ सड़क पर दस मिनट गाड़ी रूक जाला त एतना भीड़ हो जाला कि फिर बड़ी मुश्किल से हटला।
इहां के प्रधान बनारसी मल्लाह के कहब हव कि इ सड़क पर बीस साल पहिले के पत्थर बिछल हव। पानी बहे खातिर के सड़क के किनारे नाली करीब आठ लाख रूपय के खर्च से बनल लेकिन मिस्त्री आउर ठेकेदार मिल के आउर पइसा खा गइलन। अच्छा नाही बनइलन। सब पानी सड़क पर बहत हव। इ सड़क खातिर के दू बार  विधायक बबन चैहान से कहली। लेकिन कउनों सुनवाई नाहीं भयल। जब तक इ सड़क के पानी ना कम हो पाई तब तक इ सड़क खराब रही। आठ महीना पहिले गंगा प्रदूषण एस. डी. पी. से कुछ लोग आएल रहलन। पूरा सड़क के सर्वे करवाए लेकिन अभहीं तक कउनों सुनवाई नाहीं भयल।
31-10-13 Kasba Padav