कहीं बिना बिजली का बिल तो कहीं दो घंटे में ज्यादा बिल, झांसी जिले के बलौरा गांव की कहानी

जिला झांसी, गांव बलौरा के आदमी पिछले दो सालन से बिजली की परेशानी के लाने जूझ रए। इते के आदमियन के अनुसार गांव में मुश्किल से दो घंटा बिजली नइ आत लेकिन बिल पूरो आत। आदमियन ने केऊ बार सम्बंधित विभाग से शिकायत करी लेकिन कोनऊ ठोस समाधान अबे तक नइ मिलो।जिला झांसी, गांव बलौरा बलौरा गांव के आदमी पिछले दो सालन से बिजली की परेशानी के लाने जूझ रए। इते के आदमियन के अनुसार गांव में मुश्किल से दो घंटा बिजली नइ आत लेकिन बिल पूरो आत। आदमियन ने केऊ बार सम्बंधित विभाग से शिकायत करी लेकिन कोनऊ ठोस समाधान अबे तक नइ मिलो। डॉक्टर कौशल राय ने बताई के बिजली एक एक हफ्ता नइ आत। गर्मियन को समय हे केवल दो घंटा बिजली आत। काय के बीस पच्चीस किलो मीटर दूर से तार आय। लाइन भी पुरानी हे आय दिन खम्भा और तार टूटत। जब भी जेई सहाब को फोन करत कम चल रओ जोई कत रत। पुष्पा और आशाराम ने बताई के बिजली आ नइ रई और पच्चीस तीस हजार रुपइया बिल आ रओ। केवल दो बल्व जलत मीटर लगो लेकिन रीडिंग लेबे आत नइया। प्रदीप राय ने बताई के हमाय ते चौबीस घंटा मे से चार घंटा भी बिजली नइ आत। न मोड़ी मोड़ा पढ़ लिख पात। अगर इन्वेटर भी लेलो तो भी कछू काम को नइया जब बिजली ही नइ आहे तो केसे चार्ज कर हे। दिनेश बिजली अधिशाषी अभियंता ने बताई के उते के आंधी और तूफ़ान में खम्भा और तार टूट गये आज स्टोर से सामान मगा के जल्दी ही उते को काम शुरू कर रए।

रिपोर्टर- सोनी 

Published on Jul 4, 2017