कहने को बाराबंकी जिले के जसेपुर गांव में सफाई कर्मी रोज़ आता है, लेकिन गांव की हालत, खुद ही देख लीजिए

जिला बाराबंकी, गाँव जसेपुर बाबा का पुरवा। यहि गाँव कै मनई लम्बे समय से सफाई कै राह देखत अहैं मानों यहि गाँव के मनई का कूड़ा अउर गंदगी मा रहै कै आदत परिगए बाय।
मोहम्मद आशिफ प्रधान बताइन की यहि समय कमसे कम छह महीना तक  सफाई कर्मचारी यहि गाँव से हटाय दीन गा रहा। छोटा हुवय के कारण प्रशासन से ही हटाय दीन गा रहा अब फिर लगावा गा बाय। बाकी दुई तीन साल कै बात नाय बाय पांच छह महीना सफाई कर्मचारी नाय रहा| अब डेली आवाथे  स्कूल सफाई कराथे  वकरे बाद  रोड मा सफाई कराथे। अउर एक आदमी एक दिन मा यतना ही सफा कै सकाथै काहे से पूरा गाँव एक आदमी साफ नाय कै सकत कचरा निकारै का रहाथै। पूरा गाँव संभव नाय बाय। एक सड़क या एक नाली ही साफ कै सकाथै।
रामावती कै कहब बाय की पाँच साल से दरवाजा पै पानी भरा बाय कुछू नाय भा। छोट-छोट गेद्हरा बूढ़ मनई गिर जाथिन। ज्ञानवती बताइन की रात बिरात टट्टी-पिशाब लागै तौ जाय नाय सकत। बिना नाली कै केसत पानी निकरै। यही यतने मा लरिका अउर सयानन कै तबियत खराब होय जाथै।
राजकुमारी बताइन की पुरे गाँव के सड़क पै ऐसे ही पानी भरा बाय। दिक्कत सड़क के ऊपर भर जाथै नाली बाय नाय की बहि जाय ।रामभरन कै कहब बाय की प्रधान से बीस बार कहा प्रधान सुनते नाय प्रधान के खिलाफ हई।
मोहम्मद आशिफ प्रधान बताइन की डेढ़ सौ मीटर लम्बा नाला बाय वहू पै काम होये। पैसा बाय नाय अउर बारिश के वजह से कार्य बाधित बाय। चौदहवां बित्त जबसे आय तबसे अउर समस्या रही अब समस्या ख़तम होय गए बाय।

बाईलाइन-नसरीन 

15/09/2017 को प्रकाशित