कसत गुजरी या बरस

खराब हवै फसल
खराब हवै फसल

चित्रकूट बुन्देलखण्ड क्षेत्र मा कत्तौ सूखा तौ कत्तौ पानी के मार से किसान जूझत हवै, पै शासन प्रशासन किसानन का नुकसान का मुआवजा नहीं देत आय। या कारन किसान एक महीना से चित्रकूट जिला के अलग-अलग जघा मा धरना प्रदर्शन करत हवैं। डी.एम, एस.डी.एम अउर प्रधानमंत्री का लिखित दिहिन।
पहाड़ी ब्लाक गांव खरसेड़ा के केवल नाम के मड़ई का कहब हवै कि वहिके दुइ बिगहा खेत मा गेहूं बोआ रहै। जेहिमा लगभग बीस हजार रूपिया खर्चा करिस रहै, पै भगवान पानी बरसा के मोर फसल चउपट कइ दिहिस हवै। मुआवजा खातिर तहसीलदार से कहेन तौ उंई कहत हवैं कि हम का करी।
ब्लाक मानिकपुर, गांव अगरहुंडा के ओम पयासी का कहब हवै कि भगवान पता नहीं कि का करवासा हवै। पहिले तौ चना सरसों के फसल बरबाद करिस अब गेहूं भी लइ डारिस हवै। या बरस हम का खइबे अउर कसत परिवार चली। मऊ ब्लाक के भिटारी, छिवलहा, मोहनी अउर कनकोटा के लगभग दस किसानन का कहब हवै कि हम का तौ भगवान अउर सरकार दूनौ मारै मा लाग हवै। जबै सरकार का वोट लंे का होत हवै तौ कहत हवै किसानन का कर्जा माफ होइ पै किसानन के सब फसल बरबाद होइगे हवै। कउनौ हमका देखै तक नहीं आवत आहीं। जिला के लाखन किसान परेशान हवंै।
ब्लाक रामनगर, गांव लोधौरा बरेठी। हिंया के कल्लू का कहब हवै कि बीस बीघा जमीन हवै। वहिमा मसूर अउर चना के फसल लगाये रहौं, पै बिन मौसम पानी बरसैं के कारन खराब होइगे हवै।
ब्लाक मानिकपुर, गांव ऐलहा का रहै वाला खुमान कहत हवै कि दस बीघा जमीन मा गेहूं, सरसों, अरहर अउर चना बोये रहौं। नाम हवै कि फसल लगाये हौं। काम के एकौ नहीं आय। ब्लाक पहाड़ी, बजरंग चैराहा के कुलदीप कहिस कि अस्सी हजार रूपिया का घाटा लाग गा हवै। अब बीज खाद का रूपिया अपने घर से दें का परी।
कर्वी एस.डी.एम संजीव सिंह अउर कृषि अधिकारी अरविन्द कुमार चैधरी का कहब हवै कि किसानन के दरखास प्रधानमंत्री का भेज दीन गे हवै। किसानन के नुकसान का देखै खातिर 4 मार्च 2014 से सर्वे करावा जात हवै। 15 मार्च तक केहिकर केत्ता नुकसान भा हवै। यहिके बाद मुआवजा दें के बारे में सोंचा जई।