कर्जमाफी की कोई और ही कहानी बयां कर रहा है यह विडियो, क्या बस घोषणाओं की ही है यह सरकार?

19 मार्च 2017 का योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहै, तबै उंई आपन नई योजना बनाइन रहै, जेहिमा किसान कर्ज माफी, गौशाला और एंटी-रोमियो दस्ता प्रमुख है। 19 मार्च 2018 से योगी सरकार का एक साल होइगें हैं, तौ का मड़इन का इं समस्या से छुटकारा मिला है। उत्तर प्रदेश के दुई करोड़ पन्द्रह लाख किसान भाजपा के कर्ज माफी योजना का सफल होत देखे चाहत है, जेहिमा बांदा जिला, ब्लाक महुंवा का खरौंच गांव का किसान मिठाई लाल वहिमा से एक है।
सत्तर साल के मिठाई लाल का गुजारा पांच बीघा खेती अउर बटाई के खेत से होत है। मिठाई लाल बताइस कि पांच साल पहिले बैंक से अस्सी हजार का कर्जा  लीने हौं। हम मोदी का वोट दीने हन काहे से वा एक लाख का कर्जा माफ करे का कहिस रहै। कर्जा मा सरकार हमार घर लइ सकत है। खरौंच गांव के मड़इन का कहब है कि पहली दरकी भाजपा येत्ते ज्यादा वोट से जीती है।
नरैनी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक के प्रबन्धक पी के सिंह का कहब है कि मिठाई लाल कर्जा के दायरा से बाहर है।
इनतान के राजनीतिक दावपेंच माँ फंसे है मिठाई लाल जइसे बहुतै किसान। शादी, बीमारी अउर घर बनावै खातिर किसान कर्जा लेत हैं। सूखा, पथरीली जमीन अउर ओला के कारन किसानन के पैदावार कत्तौ ज्यादा नहीं होत आय। बुन्देलखण्ड मा लगभग तीन हजार छह सौ चौहत्तर किसान 2003 से 2016 के बीच मा आत्महत्या करिन हैं। ट्रेन के टिकट से पता लागत है कि 2016 का अठारह लाख मड़ई पलायन करिन है। खेती के बढ़त लागत अउर किसान के घटत आय के कारन पलायन का दायरा बढ़तै जात है। पहिले के मुकाबला मा चित्रकूट जिला मा गेंहू, चना अउर दाल के फसल आधी होत है। नई सरकार का दावा है कि सत्तर लाख किसानन का कर्जा होइगा है पै किसानन का एक रुपिया से लगाके पचास रुपिया तक के चेक मिली हैं या योजना के तहत। यहै कारन गुस्सान किसान आमरण अनशन करै का मजबूर हैं।
भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी का कहब है कि या सरकार मा काम कम अउर घोषणा ज्यादा होत है। सरकार कहत है कि किसानन के आमदनी दुगना होइ जई पै अब तौ किसानन के आमदनी आधी होइगें हैं। यहै कारन किसान आत्महत्या कर लेत हैं। किसान यहिकर जवाब 2019 मा देई। काहे से किसान के हाथ मा आपन वोट का अधिकार तौ है।  

रिपोर्टर- मीरा देवी और गीता देवी 

Published on Mar 20, 2018