कभे हो हे जनता की जा समस्या दूर

सरकार जनता के लाने केऊ तरह के व्यवस्था करत हे जीसे कोनऊ खा परेशानी न होये, ओर जनता खा घूस जेसी चीजन खा दूर करो जा सके। पे का चीजन से जनता खा बचाओ जा सकत हे?
हम बात करत हे कि आनलाइन व्यवस्था की। हर काम अब आनलाइन होन लगे हे चाहे ऊ छोटो सो छोटो होय जा फिर बड़ो से बड़ो, बिना आनलाइन के कोनऊ काम जा कागज नई बनवाओ जा सकत हे। एक केती तो सरकार आनलाइन योजना लागू करत हे। जोन बोहतई अच्छो काम हे। पे आनलाइन (नेट) की व्यवस्था के जिम्मेंदारी कीखी आय?
जनता एक काम के लाने पांच किलो मीटर दूर से दस से पन्द्रह किलो मीटर दूर इन्टरनेट कैफे जात हे। नेट न चले के कारन दो दो दइयां किराओ लगो के जात हे। ऊखे बाद भी रुपइया लओ जात हे।
हम बात करत हे राशन कार्ड की पेहले तो आदमियन खा रूपइया के फारम दये फिर आदमियन ने केऊ कागज के फोटो कापी कराई 50 रुपइया से 100 रुपइया आनलाइन के दये अब बनके आ गये तो ऊमें भी रुपइया लओ जात हे।
ताजा उदाहरण-कबरई ब्लाक, मकरबई गांव में कोटेदार बी.पी.एल. कार्ड धारक परिवार से सौ से दो सौ रूपइया लेत हे। नई तो गाली गलौज कर भगा देत हे। का कारन हे नियम लागू होंय के बाद भी वसूली करी जात हे। का बिना वसूली करे सरकारी कर्मचारियन को पूर नई परत हे, सरकारी वेतन मिले से पेट खाली रहत हे?
सरकार खा कोनऊ भी नियम लागू करें से पेहले एक दइयां ऊखे बारे में सोच लेय खा चाही, की आम जनता खा ई नियम से कित्तो फायदा हो हे। काय से नियम बना के लागू कर देब बस जिम्मेंदारी नई पूरी हो जात हे। कोनऊ नियम बनायें से पेहले ऊखी व्यवस्था के बारे में सोचे खा चाही। नियम लागू करें के बाद एक दइयां पलट के जरूर देखे कि का सोच के नियम लगू करो हे ओर ऊ लाभ जानता खा मिलत हे कि नई?
सरकार जनता खा लाने लाभ देय चाहत हे ओर होत घूसखोरी ओ घपला बाजी से बचाउन चाहत हे तो कर्मचारियन पे ज्यादा से ज्यादा नजर राखे खा चाही? सब नियम ओर योजना के बारे में आपने कर्मचरियन से ज्यादा से ज्यादा जानकरी करें खा चाही? तभई जा समस्या दूर हो सकत हे।