कबै होइहैं सुरक्षित

पन्द्रह साल के बिटिया के साथै बलात्कार करै के बाद इनतान जान लइ लिहिन की बाप लाश भी नहीं पहिचान पाइस

14 जनवरी का दिन दहाड़े एक 15 साल की लड़की का बलात्कार कइ दीन गा हवै।या घटना का समय अउर भयानक होइगें जबै लड़की का बलात्कार कइके वहिकर मार के फेक दीन गा हवैं। लड़की के महतारी बाप का रो-रो के बुरा हाल हवै। अबै तक न्याय के गुहार लगावत हिंया हुंवा भटकत हवैं, पुलिस मकान मालिक के लड़का का शक के आधार मा पकड़ लिहिस हवैं।
बांदा जिला के भवई गांव मा भी एक औरत के साथै बहुतै अत्याचार भा हवैं। काहे से वहिकर आदमी वहिके नाक काटे के कोशिश करिस हवैं। नाक न काट पावै मा वा अपने औरत का आगी मा झोंक दिहिस, जेहिसे वा सगले जल गें हवैं। येत्ता अत्याचार होय के बाद भी या औरत के कत्तौ सुनवाई नहीं आये। वहिकर आदमी वहिका पागल मानत हवैं।
महोबा जिला मा 5 से 10 साल तक के लड़किन के साथै बहुतै अत्याचार होत हवैं। आये दिन हेया छोट छोट लड़की बलात्कार का शिकार होत हवैं। ज्यादातर केस मा लड़कियन का जान से मार डाला जात हवैं।
3जनवरी का 15 साल के लड़की का वहिके घर से तीन आदमी उठा के लइ गें रहै बाद मा वहिके साथै बलात्कार कइके जान से मार डारिन अउर लाश पहाड़ मा फेंक दिहिन। खून से लथपथ लाश देख के बाप महतारी के जान सूख गें।
दिल्ली मा निर्भया केस का लइ के अबै तक न जाने केत्ती बार आवाज उठाईगें हवैं। पै अबै भी बुन्देलखंड मा रोज न जाने केत्ते निर्भया जइसे केस होत हवैं।
दिल्ली जइसे जघा मा तौ इनतान के केस के बारे मा आवाज उठाई जात हवैं। पै हिंया न जाने केत्ते इनतान के केस पुलिस तक नहीं पहुंचत आही। अगर कउनौतान पहुंचत हवै तौ दबंग अउर पुलिस समझौता करै के कोशिश मा लाग रहत हवैं।
मेहरियन के साथै इनतान का अपराध करै वाले मनसवन का कड़ी सजा नहीं मिलत यहै कारन उंई फेर से अपराध करै के कोशिश करत हवैं। इनतान के मड़इन का या तौ राजनीति सत्ता का सहारा मिलत हवैं, नहीं तौ घूंस का रुपिया दइ के छूट जात हवैं।
जबै तक हमार समाज मा इनतान के मड़इन का शरण मिलत रहि तौ इनतान के घटना होत रहि हैं। सरकार लड़कियन अउर औरत खातिर बहुतै सुविधा दिहिस हवै,पै येत्ती सुविधा होय के बाद भी लड़की अउर कत्तो सुरक्षित नहीं आय । घर हो या बाहर सगले असुरक्षित हवैं।