कबाड़ बीनने वाले के बेटे ने पास की एम्स की परीक्षा  

साभार: विकिमीडिया कॉमन्स

कड़ी मेहनत से इंसान क्या नहीं पा सकता है। अगर आपको इसमें शंक है, तो मध्य प्रदेश के आशाराम चौधरी की सफलता सुनिए। आशाराम चौधरी ने अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्थान (एम्स) की परीक्षा अपने पहले प्रयास में पास कर ली है। इस परीक्षा में उनका स्थान 141 वां है। उन्हें एम्स की जोधपुर सीट से एमबीबीएस में प्रवेश मिल चुका है। आशाराम ने ये सफलता तमाम अभावों का सामना करते हुए पास की। उनके पिता कबाड़ बीनने का काम करते हैं।

आशाराम मध्य प्रदेश के देवास के विजयागंज मंडी रहने वाले हैं। आशाराम की इस सफलता पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने उनकी पूरी पढ़ाई का खर्चा राज्य सरकार से देने की घोषणा की है। आशाराम ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री का फोन आया, और उनकी पढ़ाई में मदद करने की बात कही है। आशाराम की पढ़ाई सरकारी स्कूल में हुई है, वह पढ़ाई में हमेशा ही होशियार थे। उन्होंने 11वीं और 12वीं में भी अच्छे अंक प्राप्त किए थे।