क़र्ज़ के चंगुल में फंसे किसानों ने उठाई आवाज़

बांदा कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे किसानों की अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
बांदा कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे किसानों की अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

जिला बांदा। लंबे समय से क़र्ज़ और बैंकों से परेशान, यहां के किसान यूनियन के कई लोग 1 जुलाई 2014 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। कलेक्ट्रेट के सामने इतने दिनों से जमे इन किसानों के पास अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचे हैं।
खबर लहरिया को मिली किसानों की अजऱ्ी और धरना देते किसानों के अनुसार बैंक की कई शाखाओं के मैनेजर ज़बरदस्ती गरीब और कजऱ्दार किसानों को दोबारा कजऱ् देते समय कागज़ात तैयार करने का बहाना देकर खुद के लिए कमीशन ले लेते हैं।
इस मामले पर बुंदेलखंड किसान यूनियन के महुआ ब्लाक अध्यक्ष गणेश प्रसाद ने रोशनी डाली और कहा कि अकसर बैंक मैनेजर क्रेडिट कार्ड देते समय दस प्रतिशत धनराशि काट लेते हैं। बेंदा और फतेहगंज के इलाहाबाद यू.पी. ग्रामीण बैंक मैनेजरों से बात की गई और उन्होंने इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि जितना पैसा निकाला जाता है उसे पासबुक में चढ़ा दिया जाता है।