कंगना, आज के ज़माने में एक हटकर अभिनेत्री

‘सिमरन’ फिल्म में बेहतरीन अभियन में तारीफों से ज्यादा कंगना रनौत पिछले दिनों रजता शर्मा के शो ‘आपकी अदालत’ में दिए बयानों के कारण चर्च में आ गई। कंगना ने आदित्य पंचोली, करण जौहर, ऋतिक रोशन जैसे नामों के बारें में बेखौफ अपनी बात रखी।
हालांकि कुछ लोगों ने इसे उनकी हिम्मत कहा तो कुछ ने इसे सिर्फ सस्ता प्रचार। शो में कंगना ने अपने और ऋतिक रोशन के बीच के प्रेम संबंधों के बारे में बेझिजक बोला। साथ ही उन्होंने आदित्य पंचोली के साथ अपने संघर्ष के दिनों की बात कही। उन्होंने फिल्मी दुनिया में आने वाली हर लड़की को इस तरह के बुरे समय में हार नहीं मानने की बात कही। साथ ही उन्हें  पुलिस से मदद लेने की सलाह भी दी।
आप की अदालत में कंगना रनौत

आपने सिमरन देखी?

कंगना बॉलीवुड में अभिनेत्रियों के साथ होने वाले भेदभाव जैसे अभिनेत्रियों के किरदार और उन्हें अपने काम के लिए मिलने वाले कम  पैसों पर खुलकर बोल रही हैं। कुछ समय पहले बॉलीवुड पर भाई-भतीजावाद पर चलने वाला बताते हुए करण जौहर को इस चीज को बढावा देने वाला माफिया कहा। इस बात पर करण जौहर से लेकर ऋतिक रोशन पर निशाना साधते हुए कंगना ने मशहूर हास्य समूह  ‘एआईबी’ के साथ एक वीडियो में भी भाग लिया। इस वीडियो के गाने के बोल ‘कॉज आई हैव अ वजाइना रे’ को लोकप्रिय गाने ‘चिट्टियां कलाइयां वे’ के धुन पर रचा गया। इस गाने में कंगना ने बॉलीवुड में होने वाले भेद-भाव पर खूब तंग कसा है, और ये विडियो बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय भी हो गया है।
देखिए कंगना का ए आई बी के साथ वायरल विडियो जिसमें ये सब मिलकर बॉलीवुड की धज्जियां उड़ा रहे हैं!

कंगना के बहुचर्चित होने के कारण कई सारे हैं, फिल्मी दुनिया में ये आज भी नई बात है कि कोई महिला अपनी बात खुलकर कह सके, और इस संदर्भ में कंगना को एक नारीवादी अभिनेत्री कहा जा सकता है। साथ ही उनकी हाल ही में चुने गए फ़िल्मी किरदारों और कहानियों से भी ये अंदाजा बड़े आसानी से लगाया जा सकता है। सुलतान फिल्म में उन्होंने सलमान खान के साथ काम करने को मना कर दिया था, क्योंकि उनका मानना था कि उनका किरदार सलमान के किरदार की तुलना में,दमदार नहीं था। तनु वेड्स मनु, क्वीन, रंगून और सिमरन जैसी फिल्मों का चयन भी उनकी सोच को बखूबी दर्शाता है।
कंगना ने जानी-मानी पत्रकार बरखा दत्त के साथ एक चर्चा में भी कहा था कि महिलाओं को हमेशा नीचा दिखाने की कोशिश रहती है, उन्हें आदमी के मुकाबले तुच्छ समझा जाता है। ऐसी सोच को उन्होंने चुनौती दी और सवाल उठाये थे। इस कारण से लोग उनकी आलोचना करते हैं।
क्या इन सब बातों के आधार पर कंगना को हम एक नारीवादी मार्ग-दर्शक माने? ये तो आप खुद तय करें, लेकिन इतना तो पक्का है कि कंगना फिल्मी दुनिया की अन्य अभिनेत्रियों से हटकर हैं! साथ ही उनकी बात से सहमत होते हुये कि वो मर्दानी नहीं बहादुर लड़की हैं, जिससे ये समाज हर स्तर पर डरता है।