ओ बबुवा सुन ले रे

नेता पहुंचें गली गली बात बनावें बड़ी बड़ी

रात का सपना दिन मां दिखलावें, लगाएं वोट की गुहार
ओ बबुवा सुन ले रे आवा लोक तंत्र का त्यौहार

बांट बांट के जाति बिरादरी सब अपना उल्लू सीधा कीन्हिन
खड़ी किहिन दौलत कोठी अपनी लै के वोटवा हमार
ओ बबुवा सुन ले रे आवा लोकतंत्र का त्यौहार

त्यौहार खतम चलिहैं नेता जी दिल्ली, बनिहैं मंतरी
कोठी बंगला गाडी छोड़ के फिर कहां झोपड़ी मां हमार !
ओ बबुवा सुन ले रे आवा लोकतंत्र का त्यौहार

बीत गयी उमरिया अपनी देखत सब चुनाव का हाल
न गांव मंा कछु बदला न बदली किस्मतिया हमार
कविताओं की वेबसाइट हिंदी युग्म से साभार मुहम्मद अहसन की कविता

लोकसभा चुनाव
कुछ खास जानकारी

 

इस बार चुनाव में दस करोड़ नए वोटर पहली बार डालेंगे वोट।
पहली बार वोटरों को मिलेगा ‘इनमें से किसी को नहीं’ विकल्प। यानी अगर आप इस बार किसी भी पार्टी को नहीं चुनना चाहते तो वोटिंग मशीन में एक ऐसा बटन होगा जिसमें लिखा होगा इनमें से किसी को नहीं।

जेंडर को लेकर भी इस बार एक नया विकल्प लोगों को मिलेगा।
ऐसे लोग जो महिला और पुरुष के खांचे से खुद बाहर को रखते हैं। उनके लिए ट्रांसजेंडर का विकल्प मिलेगा।