ओह! तो इस वजह से ललितपुर जिले के सेतपुर गाँव के लोग पलायन कर रहे हैं

जिला ललितपुर,ब्लाक महरौनी,गांव सेतपुर के लोगों ने प्रधान पर मनरेगा में काम न देने का आरोप लगाया हैं। जाबकार्ड होते हुए भी लोग काम के अभाव में पलायन करने को मजबूर हो रहे है। बेरोजगारी कि मार झेल रहे है मजदूर थक हार कर दिल्ली और मुम्बई में पलायन कर रहे हैं।
सरमन का कहना है कि काम के लिये परेशान है। काम न मिलने के कारण दूसरे गांव में काम करने जाते है। हमारे गांव के प्रधान बहाने बनाते है और काम नही देते हैं। इसलिये कम से कम पैसा में लोग दूसरे गांव में जाते हैं। सीमा ने बताया कि दिल्ली,ग्वालियर और झाँसी सब जगह काम करने जा चुके हैं। जहाँ काम मिलता हैं वही जाते है,भटकते रहते है। भूखे प्यासे आठ-आठ दिन प्लेटफार्म में पड़े रहते है। देशराज का कहना है कि सुबह सात बजे काम करने निकल जाते है और रात में कभी बारह तो कभी एक बजे आते है। ठेकेदार लिवा जाते है दो सौ रूपये एक दिन कि मजदूरी मिलती है। गुणमाला ने बताया कि यहां काम नहीं लगता तो पलायन करना पड़ता है।
महरौनी बी.डी.ओ.अजय कुमार शर्मा ने बताया कि मनरेगा का काम तो सब जगह चल रहा है। काम कम ज्यादा हो सकता है। हम काम को बढ़ाना चाहते है और चाहते है सभी जाबकार्ड वाले काम करें।

रिपोर्टर- सुषमा

Published on Jan 30, 2018