ओला और सूखा के बीच पिसती बाँदा के मोतिहारी गाँव के लोगों की ज़िन्दगी

जिला बांदा, ब्लाक महुआ, गांव मोतिहारी चार साल से लगातार सूखा अउर बाढ़ के मार झेलत किसान अब सूखा राहत के चेक खातिर परेशान हैं। काहे से किसानन से सूखा राहत के चेक खातिर घूंस के मांग कीन जात हैं। यहै कारन हेंया के किसान बहुतै परेशान हैं।
किसान नत्थू बताइस कि पिछले साल आठ बीघा खेत मा चना बोय रहै, पै सूख चना खेत मा पड़े रहि गें एकौ न जामे। पुरान लेखपाल गिरधारी सूखा के सर्वे करिस रहै। तबै एक कइत दलित मड़इन के पर्ची बना गा रहै, तौ उंई दलित किसानन का सूखा राहत के चेक नहीं मिली आय। जउन मड़ई घूस दिहिन है, उनकर तीन तीन दरकी सूखा राहत के चेक आ गे हैं। हमार एकौ दरकी नही आयी हैं।
राजेन्द्र समेत कइयौ किसानन का कहब हैं कि किसानन के सरकार नहीं सुनत आय। मड़ई दुइ तीन बार अधिकारिन के चक्कर लगावत हैं। जबै सुनवाई नहीं होत तौ थक हार के बइठ जात है। काहेसे किसान क मजूरी करै भी जाये का पडत है बाल बच्चन का भी देखे का पड़त हैं। मजूरी करित है तौ मजूरी भी नहीं मिलत। एस डी एम का दरखास दीने हन पै सुनवाई नहीं भे आय।
लेखपाल राजेन्द्र दिवेदी बताइस कि गाटा से गाटा करै का चाही, पै समय न होय के कारन मड़इन से पूछ के लिख लीनगा है। गांव के मड़ई सही जानकारी बताइन है।

रिपोर्टर- गीता

21/12/2016 को प्रकाशित