ऐसे भी होते हैं सिनेमा घर

banaras cinemaटिन से बनी हुई दीवारें, टिन से बनी हुई छत, अन्दर रखी हुयी कुछ टूटी फूटी बेन्च, बाहर कूड़े का ढेर जो हमें यहां के हाल का एहसास दिलाता है।

यह जगह है बनारस जिले के काशी विद्यापीठ ब्लाक के टीनामुनी सिनेमा हाल। जहां एक समय लोगों की भीड़ लगा करती थी, आज वहां के काम करने वालों के लिए दाल रोटी भी मुश्किल हो गई है। इस टिनामुनी हाल के मालिक राजवीर सिंह हैं। इसकी नींव उन्होंने सन् 1986 में रखी थी। यहां पर मैनेजर के पद पर कार्यरत एस. पी. शुक्ला ने बताया कि जब शुरू हुआ था तो अच्छी आमदनी होती थी। लेकिन आजकल के लोग इसे छोड़ शहर के हाल में फिल्म देखना ज्यादा पसंद करते हैं। अब तो ऐसा लगता है कि कुछ ही दिनों में यह बन्द हो जाएगा।

यहां पर दो या तीन दिनों में फिल्म बदल दी जाती है। आजकल की महंगाई होते हुए भी, पन्द्रह रूपए का टिकट लगता है। मैनेजर ने बताया कि अब तो दिन भर में केवल पांच दस आदमी आते हैं। पता नहीं क्या होगा हमारा और हमारे इस सिनेमा हाल का।