ऐतिहासिक सुंदरता का आंखों देखा हाल


ajanta cavesराज्य महाराष्ट्र, जिला औरंगाबाद।
दुनिया भर में मशहूर अजंता की गुफाएं हमेशा से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही हैं। यहां की सुंदर चित्रकारी व मूर्तियां कला में दिलचस्पी रखने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। यहां की चट्टानें अपने भीतर छिपाए हुए इतिहास के इस धरोहर की कहानियां बयान कर रही हैं।
औरंगाबाद से लगभग सौ किलोमीटर की दूरी में उत्तर दिशा की तरफ यह गुफा हैं। यहां पर तीस गुफाएं हैं जिसमें पच्चीस बौद्ध मठ हैं। इन गुफाओं की खोज अंग्रेज़ी सेना के अधिकारी जौन स्मिथ व उनके स्टाफ ने लगभग दो सौ साल पहले सन् 1819 में की थी। इनमें पांचवां सदी (लगभग सोलह सौ साल) के बौद्ध धर्म के चित्र बनाए गए हैं। अजंता की गुफाओं की दीवारों में खूबसूरत चित्रकारी की गई है। इन गुफाओं में बौद्ध भिक्षुओं की मूर्तियां और चि़त्र हैं। हथौड़े और चीनी की सहायता से तराशी गई ये मूर्तियां अपने आप में बेमिसाल सुंदरता को समेटे हुए हैं।
अजंता की उन्तीस गुफाओं में से सिर्फ छह बची रह गई हैं। गुफाओं में दीवारों पर बने चित्र आज खतरे में है। गुफाओं की दरारों से लगातार रिसते पानी व पर्यटकों की आवाजाही से अधिकतर मूर्तियां टूट गई हैं। भारतीय पुरातत्व विभाग को इन गुफाओं को बचाए रखने के लिए कोशिश करते रहना चाहिए।