ऐतिहासिक खजानों से भरा पड़ा है सतना जिले का माधवगढ़ किला

मध्यप्रदेश अपनी ऐतिहासिक संस्कृति व ऐतिहासिक खजानों में भारत के सबसे समृध्द राज्यों में से एक है। चलिये मध्यप्रदेश के इतिहास से जुड़े माधवगढ़ जिले की कुछ झलक देखते हैं। सतना जिले से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित ये किला ऊंची रीवा रियासत का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। दुश्मनों के हमले से बचने के लिये इसे तमख नदी के किनारे बनाया गया है। प्राकृतिक संरचना और इसकी बनावट इसे विशेष बनाती हैं। इस किले की बनावट और कलाकारी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। ऐसा कहा जाता है कि अठारवीं शताब्दी में रीवा रियासत के महाराज विश्वनाथ सिंह जू देव ने बहोलखंड को इसे तोहफे में दिया था। आज ये किला उपेक्षा का शिकार है।
मोहम्मद अकील का कहना है कि यह चार सौ वर्ष पुराना है। अन्दर जाने के लिये कई गुफायें हैं।
रामकृपाल गुप्ता ने बताया कि गुफा से निकलकर राजा लड़ाई करने जाते थे। ऐसा सुना है देखा नहीं है। किला बन जाये तो पर्यटक देखने आ सकते हैं। लोग धंधा कर सकते हैं। पर्यटक स्थल बन सकता है।  

रिपोर्टर- आभा विश्वास

Published on Mar 29, 2018