ऐतिहासिक और शैक्षिक माहौल को खुद में समेटे हुए है बाराबंकी जिले का जहांगीराबाद किला

लखनऊ-राजाओं कै राजशाही भए कल कै बात पर उनके शान कै आवाज कै कहानी आज भी सुनाथीं यै विशाल ईमारत। यहि सब इमारत महसे एक बाय जहांगीराबाद किला। ई पूरा क़स्बा राजा जहांगीरबाद के नाम पै बाय। जवन कबहूँ राजा कै विरासत रही|
राजा जहागीराबाद दुई सौ साल पहिले यकै नीव रखे रहे| हियां के मनइन के अनुसार राजा कै बेटवा शमशेख रसूल यका हैदराबाद कै संस्था इंडियन मुश्लिम रिलीफ एंड चौरिटी ने 1999 वे मा खरीद लिहिन। ई संस्था यहि परिसर मा जहागीराबाद मीडिया इंस्टीट्यूट अउर जे आई इ टी कालेज स्थापित करिन। आज यही किला मा पर्यटक के साथ यूपी कलकत्ता, हैदराबाद अउर बिहार से अल्पसंख्यक समुदाय कै गेदहरै पढ़े के ताई आवाथिन।
छात्रा सहबा मरियम कै कहब बाय की हियां कै माहौल बहुत अच्छा लागाथै।
किला कै खासियत हियां बना हवा महल, बारादरी, अउर लाल आंगन, हियां के मनइन कै कहब बाय कि हवा महल अउर लाल आंगन रानी के घूमय के ताई बना रहा। जबकि बारादरी मा राजा के मनोरंजन के ताई सभा लागत रही ।
अफाक अहमद प्रबंधक कै कहब बाय कि सबसे बड़ी देखै वाली बात तौ ई बाय कि एक प्रवेश द्वार से पूरे किला का देखके वापस आय जाय। दूसरी बात यहि किला कै बिल्डिंग अपने आप मा बहुत मजबूत बाय। दूसरी बात जब किला मा दाखिल होइहैं तौ मोनो ग्राम मा फिश नजर अइहैं।
यहि किला बिना बिजली अउर बिना पंखा कै काम कै सकाथिन । लकिन आज हियां पढाई कै माहोल बाय । हियां शोरगुल से दूर कुछ पल शांति से बिताय सकाथिन । अगर आपकै हियां घूमय कै योजना बाय तौ ई किला लखनऊ से चालिस किलोमीटर के दूरी बाराबंकी जिला के जहांगीराबाद क़स्बा मा बाय। जवन ऐतिहासिक शैक्षिक माहोल का समेटे बाय।

रिपोर्टर-नसरीन

29/08/2017 को प्रकाशित