ए बी सी डी में छिपा निस्वार्थ कार्य, झाँसी के जितेन्द्र यादव है लोकल हीरो!

जिला झाँसी। कहते हैं अगर कुछ करने की चाह हो तो हर मुश्किल घड़ी में भी सफलता की राह निकल ही आती है। हम बात कर रहे हैं झाँसी के डीआईजी ऑफिस में तैनात कांस्टेबल जितेन्द्र यादव की, जिन्होंने गांव के बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा लिया है और इनकी इस सार्थक पहल में इनके मित्र राजेंद्र यादव भी इनका साथ दे रहे हैं।
जितेन्द्र इस काम की शुरुआत बताते हुए कहते हैं, मैं कोतवाली जाते हुए अक्सर रास्ते में मार्बल के टुकड़ों से, गिल्ली-डंडा और कंचे खेलते बच्चों को देखा करता था। इनमें से एक अधिकतर के पिता पत्ते खेलते थे और बच्चे उन्हें बैठ कर देखते रहते हैं। कई बार तो यह भी हुआ कि मैंने कुछ बच्चों को भी ताश-पत्ते खेलते देखा। बस, तभी से मेरे मन में इन बच्चों को पढ़ाने की बात घर कर गई।इसके बाद मैंने बच्चों के माता-पिता से बात की और उनको समझाया कि अपने बच्चों का भविष्य इस तरह बर्बाद न होने दें। बस उसके बाद से मैं इन बच्चों को पढ़ाने लगा।
जितेन्द्र आगे बताते हैं, हमने नए साल से बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। इसमें बच्चों के माता-पिता अब अपने बच्चों का साथ दे रहे हैं।
चूँकि मेरी ड्यूटी शाम की पारी में होती है इसलिए मैं ड्यूटी से तीन घंटे पहले यहाँ आ कर बच्चों को पढ़ा लेता हूँ और सबसे अच्छी बात यह है कि मुझे इस काम में मेरे अधिकारीयों का भी सहयोग मिल रहा है।जितेन्द्र का लक्ष्य बच्चों को अच्छे स्कूल में भर्ती कराना है जिसके लिए उन्होंने स्कूल के प्रधानाध्यापक से भी बात कर ली है।इस बारे में राजेन्द्र का कहना है कि हमने बच्चों को बेसिक पढ़ाया है जिसके आधार पर उन्हें स्कूल में प्रवेश मिल सके और वह बाकी बच्चों के साथ एक साथ पढ़ सकें। हमने पास ही के एक स्कूल में बात की है जहाँ 1 अप्रैल 2017 से बच्चों का दाखिला भी हो जायेगा। हमें उम्मीद है कि हमारी ये छोटी सी कोशिश जरुर कामयाब होगी।

रिपोर्टर- सोनी

Published on Mar 7, 2017