एक हफ्ते से जारी हिंसा

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इराक के सबसे बड़े शहर मूसल और तिकरिक  शहर में ‘इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड साीरिया’ नाम से सक्रिय आतंकवादी संगठन ने अपना कब्ज़ा जमा लिया। डेढ़ लाख लोग बेघर हो चुके हैं। इस दौरान सरकार को तीस आतंकवादियों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यहां के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने संसद में देश में आपातकाल लगाने का प्रस्ताव रखा है। बेघरों के लिए सरकारी शिविर लगाए गए हैं। लेकिन यहां पर खाने और पीने के पानी का इंतजा़म ठीक से नहीं हो पा रहा है। पुलिस थानों और अदालतों में बड़ी संख्या में आग लगाई जा रही है। दुनिया की सबसे बड़ी संस्था ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ ने दुनिया के सभी देशों से संकट की इस घड़ी में मदद करने के लिए कहा है।

 कौन है और क्या चाहता है यह संगठन
– इराक और सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड दी लीवेंट  (आईएसआईएस) एक आतंकी संगठन है। जो शिया आबादी वाले इस्लामिक देशों पर कब्ज़ा करना चाहता है।
– दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी संगठन अल-कायदा द्वारा संचालित यह संगठन अप्रैल 2013 में बना था। मौजूदा समय में अबु बकर अल बगदादी संगठन प्रमुख हैं।
– मुस्लिम समुदाय के भीतर भी दो अलग अलग समुदाय शिया और सुन्नी हैं। इनके बीच में हमेशा से विवाद रहा है।