एक तो नोटबंदी , ऊपर से चित्रकूट के देऊधा में नही मिल रही मनरेगा मजदूरी

जिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, गांव देऊधा का पुरवा, 3 जनवरी 2017। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) के तहत देऊधा का पुरवा के 14 मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही है। इन मजदूरों ने 94 मीटर मार्ग का निर्माण सितम्बर में किया था। पर चार महीने गुजरने के बाद भी इन मजदूरों को उनकी मेहनत की मजदूरी नहीं मिल रही है। वहीं मजदूरी नहीं मिलने की वजह मनरेगा अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता प्रशासन के पास पैसा नहीं होने से पैसा नहीं आने की बात बताते हैं।

पंचायत मित्र रामलाल गुप्ता बताते हैं, “इस काम में मनरेगा कार्ड धारक मजदूरों ने काम किया था। इसका मस्टर रोल भी जारी हुआ था।” मजदूरी नहीं मिलने का कारण रामलाल गुप्ता को नहीं पता है, पर वह सड़क निर्माण का काम अच्छा होने की बात कहते हैं।

करीना देवी, 48, ने मनरेगा मजदूरी का काम किया था। वह कहती हैं, “मुझे सिर्फ 8 दिन के ही पैसे मिले थे और बचे पैसों का मैं इंतेजार कर रही हूं।” करीना मजदूरी नहीं मिलने के कारण जैसे-तैसे अपना घर खर्च चला रही हैं।

मजदूरी नहीं मिलने से परेशान हर्निया देवी कहती हैं, “काम तो किया पर अब पैसों के लिए मैं परेशान हूं।” वहीं 28 दिन मनरेगा में काम किए तिरकी निषाद, 50, कहते हैं, “उधार लेकर हम घर का खर्च निकाल रहा हूं। अब नहीं मिल रहा हैं तो किसी से लड़ाई तो नहीं कर सकते हैं।”

60 वर्षीय नन्काव कुमार कहते हैं, “जब हम काम कर रहे थे, तब ही हमनें पहले हफ्ते काम करके मजदूरी की मांग की थी। पर हमें तब से अब तक सिर्फ जल्दी मिलने का आश्वासन दिया जा रहा है।”

मनरेगा अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता कहते हैं, “अगर वहां कोई मनरेगा में काम हुआ है और मस्टर रोल बना है तो उनका पैसा जल्दी मिल जाएगा, क्योंकि अब प्रशासन से पैसा आने लगा है। उन्हें हफ्ते में पैसे आने का आश्वासन भी दिया।”

खैर मजदूरी इस आश्वासन के बाद भी मिलेगे। उसका कोई पता नहीं हैं क्योंकि ये 14 मजदूर सितम्बर से यही बात सुनते आ रहे हैं।

रिपोर्टर- सहोद्रा

29/12/2016 को प्रकाशित