एक तरफ नाला तो दूसरी तरफ यमुना नदी, बीच में फंसे गांव वाले, बांदा जिले के अदरी गांव की कहानी

जिला बांदा, ब्लाक जसपुरा, गांव अदरी यमुना नदी अउर नाला के बीच फंसा है यहै कारन बरसात के चार महीना या गांव के मड़इन का शिक्षा,स्वास्थ्य अउर रोजगार के बहुतै समस्या होइ जात है। गांव के मड़ई कइयौ दरकी नेता अउर मंत्री से पुल के मांग करिन है पै अबै तक शासन प्रशासन कुछौ सुनवाई नहीं करिस आय।जिला बांदा, ब्लाक जसपुरा, गांव अदरी यमुना नदी अउर नाला के बीच फंसा है यहै कारन बरसात के चार महीना या गांव के मड़इन का शिक्षा,स्वास्थ्य अउर रोजगार के बहुतै समस्या होइ जात है। गांव के मड़ई कइयौ दरकी नेता अउर मंत्री से पुल के मांग करिन है पै अबै तक शासन प्रशासन कुछौ सुनवाई नहीं करिस आय। किस्मती अउर नगीना बताइन कि जबै यमुना नदी मा बाढ़ आवत है तौ कुछौ काम नहीं होत आय। गर्भवती मेहरियन का अस्पताल लइ के जायें मा बहुतै परेशानी होत है।नाव से जाये के कारन नाव वाले मनमाना रुपिया कत्तौ सौ कत्तौ पचास रुपिया मांगत है। मुहम्मद अली,सुलेमान खान,अउर भूरा बताइन कि बाढ़ के कारन आउब जाउब सब रुक जात है सब्जी लावे खातिर  पैलानी नाव से जायें का पड़त है।हेंया पुल बनवावै खातिर कउनौ नहीं आवत आहीं रामबाबू बताइस कि घूम के आवै मा दुइ ढाई सौ किराया लाग जात है। पुल बन जाये तौ तीस चालिस रुपिया किराया बस लागी। प्रधान वकार अहमद का कहब है कि रपटा बस बना है पुल बनावै खातिर कइयौ दरकी विभाग से मांग कीन गे है पै अबै पुल नहीं बना आय। नदी मा पुल बनावै का काम सेतु निर्माण विभाग करत है।पै या विभाग के बिल्डिंग मा विभाग का नाम नहीं लिखा आय। खबर लहरिया पत्रकार के तीन चक्कर लगावै के बाद भी विभाग अउर विधायक से बात नहीं होइ  पाई आय। काहे से विभाग के कर्मचारी कहत है कि अधिकारी लखनऊ मा है अउर विधायक फोन नहीं उठावत आहीं न मिले का समय देत आहीं।

रिपोर्टर- गीता देवी

21/06/2017 को प्रकाशित