एक गाँव ऐसा भी

vilaageज़िला बांदा, ब्लाक  बढोखर,खुर्द पचनेही। बांदा ज़िला का यह एक ऐसा अनोखा गाँव है जहाँ के कई लोग आई.ए.एस., पी.सी.एस. अफसर हैं। ज़िले में इस गाँव का बड़ा नाम है। जब यह बात पता चली तो हमें लगा कि इसे ज़रूर देखना चाहिये। बांदा शहर से लगभग बीस किलोमीटर जीप से रास्ता तय किया। गाँव के मोड़ पर उतर कर तीन किलोमीटर पैदल चल कर यहाँ पहुँचे। यहाँ के रहने वाले विजय पाल ने बताया कि गाँव के कई ऐसे लोग हैं जो ऊँची-ऊँची पोस्टिंग में रह चुके हैं या कार्यरत हैं। जैसे पंकज जो डी.एम. हैं। मूलचंद यादव जो कमिष्नर हैं। राजाबाबू ठाकुर जो डी.आई.जी. हैं। यही नहीं इस गाँव के लोग एस.डी.एम., दरोगा, जज भी हैं। हमें सुनकर बहुत हैरानी हुई क्योंकि उन्होंने इतने नाम और पद गिनाये तो ऐसा लगा कि यह गाँव तो विकास में शहर जैसा होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ था नहीं। यहाँ की सड़कें शौचालय से ज़्यादा गन्दी थीं। लोेग नाक दबा के निकलने का मजबूर थे। इस गाँव को तो विकास में नम्बर वन होना चाहिये था। हम बहुत उत्सुकता के साथ गाँव देखने गये लेकिन हमें निराषा ही हाथ लगी। बार-बार एक ही बात सताती रही कि अफसरों का गाँव गंदा क्यों?