एक खास कवि की याद में – रवींद्रनाथ टैगौर

Mano - Tagore for webदेश के मशहूर कवि रवींद्रनाथ टैगौर का जन्म 9 मई 1861 को बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुआ था। ये उस समय की बात है जब पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश एक ही राज्य थे। टैगौर अंग्रेज़ों से आज़ादी की लड़ाई में तो शामिल थे ही पर साथ ही उस समय के माहौल और हालातों को टैगौर ने अपनी कविताओं और कहानियों में बखूबी कैद कर लिया।
आज भी रवींद्रनाथ टैगौर सिर्फ स्कूली किताबों में ही नहीं, हमारे कई गीतों, बचपन में सीखी गई कविताओं और सुनी कहानियों में शामिल हैं। 1910 में टैगौर के गीत ’जन गन मन’ को देश के राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाया गया। उन्हीं का लिखा गीत ‘आमार शोनार बांगला’ आज की तारीख में बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान है। साल 1915 में रवींद्रनाथ टैगौर ने ही गांधी को पहली बार महात्मा गांधी कहकर बुलाया।
टैगौर पहले भारतीय थे जिनको साहित्य के लिए 1913 में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार ‘नोबेल प्राइज़’ से सम्मानित किया गया।