एक के बाद एक समस्या

जिला मा नहर के समस्या से काफी जूझै का पराथै कभौं सफाई नाय तौ कभौं नहर मा पानी नाय रहत अउर कभौ नहर मा यतना पानी छोड़ दीन जाथै कि पकी फसल मा पानी भर जाए से फसल खराब होय जाथै। जेसे किसानन का काफी समस्या हुआथै लकिन षासन प्रषासन यहि समस्या पै ध्यान नाय दियत। जेसे एक के बाद एक समस्या किसानन के सामने खड़ी होय जाथै। यकरी ताई प्रषासन सख्ती काहे नाय बरतत? अगर यइसेन समस्या रही तौ किसानन कै काव होये?
अम्बेडकर नगर के षारदा सहायक नहर कै सफाई तौ होयगै लकिन मनई कै समस्या अउर ज्यादा बढि़गै बाय। काहे से कि नहर कै सफाई करायके वहमा जमा बालू पटरी पै निकार के रख दीन गै बाय। करीब पांच छह गांव सीहमई, जगदीषपुर, खोरिया, आतमपुर भरथुआ जैसे कइयौ गांव कै मनई कै समस्या बढि़गै बाय। लकिन षासन प्रषासन से यहि समस्या के ताई आज तक कउनौ सख्ती नाय बरती गै। षासन प्रषासन कै नियम भी अजीब हुआथै। एक समस्या से मुक्ति तौ दूसरी खड़ी कै दियाथे जेसे मनई पै काफी असर हुआथै।
एक तरफ नहर साफ करायके खेत के सिंचाई कै फायदा भै वहीं दूसरी तरफ नहर पै बालू रखाय दियै से आवागमन बाधित बाय। अगर जेसीबी मषीन से नहर कै सफाई भै तौ वही से बालू भी हटवाय दीनगा हुवत तौ यतनी समस्या से जूझै का न परत। लगभग पांच महीना होइगा आज तक प्रषासन बालू काहे नाय हटवाइस? हलांकि सिंचाई विभाग कै अधिषासी अभियंता कहे अहैं कि जल्दी हटवाय जाये। लकिन देखै वाली बात ई बाय कि पांच महीना बीत जाए के बावजूद अबहीं तक नाय हटवाय गै तौ अब केतना जल्दी हटवाय जाये अउर मनइन का ई समस्या से निजात मिले।