ऊंट के मुंह में जीरा जितना मुआवजा!

fa69bbf7-52c2-4917-be13-b8541e4a3d0c copyचित्रकूट जिले में लगभग तीन साल से सूखा पड़ रहा है। इन किसानों के लिए सरकार मुआवजा देती भी है तो वह मुआवजा ऊंट के मुंह में जीरा के जैसे साबित होता है। वहीं दूसरी तरफ, इस मुआवजे को पाने के लिए किसान दर-दर भटकते फिरते हैं।
ब्लॉक कर्वी, गांव दुगुंवा मजरा खरइहा में लगभग सत्तर घर हैं। इन सत्तर घरों में रहने वाले सभी लोग खेती का काम करते हैं। इसी गांव के रामनरेश किसान का कहना है कि ढाई बीघा जमीन में जितनी भी फसल बोई थी, वो सूखे के कारण खराब हो गई। मुआवजा में 1500 रुपए का चैक मिला। इतने कम पैसों में कैसे मैं अपने परिवार का पेट भरूं?
ब्लॉक रामनगर गांव छीबों के चुन्नीलाल ने अपनी परेशानी के बारे में बताते हुए कहा कि मेरे पास चार बीघा जमीन है। जिसमें सरसों बोई थी। लेकिन ओला पड़ने और बेमौसम बारिश के कारण पूरी फसल खराब हो गई थी।
सरकार की तरफ से दैवीय आपदा के तहत केवल 1900 रुपए मिला था। इतने रुपए में तो बीज का भी पैसा नहीं निकलता। और अब इस बार जब सूखा पड़ा है तो उसका मुआवजा भी 1900 रुपए मिला। अब किससे पूछूं कि साल भर कैसे अपने परिवार को खिलाऊंगा?
ब्लॉक पहाड़ी गांव रम्पुरिया के रहने वाले कामता, शत्रुघ्न और जगपाल कहते है कि हम लोगों की दस बीघा जमीन है। बारिश होने की कारण से खराब फसल का मुआवजा पांच हजार रूपए मिला था। इसमें तो खाद और बीज भी पूरा नहीं हो पाता। सरकार नाम के लिए मुआवजा देती है और सूखा राहत के तहत अभी एक रुपये भी नहीं दिया गया है।
इस मुद्दे पर कर्वी कानूनगो शिवशंकर गुप्ता का कहना है कि कर्वी में ओला वृष्टि के तहत सात करोड़ पचहत्तर लाख रूपये आया था उसमें से बारह हजार अड़तालिस किसानों को तीन करोड़ अड़तालिस लाख पच्चीस हजार एक सौ पैंसठ रूपये बांट दिया गया।
जिसमें सिंचित जमीन का प्रति हेक्टेयर के हिसाब से अड़सठ सौ रुपए असिंचत जमीन का 1350 रूपए का चैक दिया गया।
सूखा राहत के तहत कर्वी में तीन करोड़ तिरासी लाख पांच हजार पांच सौ पचीस रुपए आया जिसमें से सैंतिस करोड़ इक्तालिस हजार रुपए बांटा गया है। सैंतिस करोड़ रूपये का बजट और अभी बाकी है। जब आयेगा तो वह भी किसानो को बांटा जायेगा।
प्रसाशनिक अधिकारी दैवी आपदा स्थानीय निकाय सहायक ने कहा कि 2015 में, जिले के सूखे के लिए बत्तीस करोड़ उन्तीस लाख पांच हजार रूपये आया था।
किसानों को सात हजार तीन सौ छियासी पैसा बांटा गया. उन्नीस करोड़ अड़सठ लाख पैंसठ हजार ओला वृष्टि एक अरब छत्तिस करोड़ नब्बे लाख चैरानवे हजार रूपये बांटा चेक एक लाख अस्सी हजार किसानों को बांटा गया।

रिपोर्टर – तबस्सुम