उपस्वास्थ्य केन्द्र किस काम का

उपस्वाथ्य केन्द्र जगह-जगह पर बना है। लेकिन कहीं पर चलता है कहीं पर नहीं चलता है। इस तरह से गांव में उपस्वाथ्य केन्द्र बनने से क्या फायदा?
जब दवा और प्रसव के लिये दूर दूर अपतालों में जाना पड़ता है। कभी-कभी मरीज की हालत नाजुक हो जाती है। प्रसव के दौरान मौत भी हो जाती है। उपस्वाथ्य केन्द्र चलना ही नहीं रहता तो किस लिए खुलवा दिया जाता है?
प्रशासन से पूछने पर बताते हैं कि अभी मान्यता नहीं मिली है इसलिए इसमे ए.एन.एम. या डाक्टर की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। जबकि एक बार बनाने में कितने पैसे लग जाते होगें और पांच साल बाद फिर से वही काम करना पडता है। मरीजों की परेषानियां बढती रहती है। अगर सरकार पहले मान्यता दे दे तो फिर उपस्वाथ्य केन्द्र का लाभ मरीज उठा सके पैसा और समय दोनो की बचत हो जाए और मरीजो को इलाज के लिए इधर उधर भटकना ना पड़े। लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्य केन्द्रो की यही हालत होती है। यही हाल चिनहट के अनौरा कला के उपस्वास्थ्य केन्द्र जिसका उद्घाटन हुए पांच साल हो गये। लेकिन सिर्फ दो साल चल कल रह गया। उसके बाद से अभी तक नहीं खुला है।