उपजाऊ जमीन के बदले मिल रही बंजर जमीन, किसानों ने किया आन्दोलन, झाँसी जिला की कहानी

बरसों से मेहनत कर उपजाऊ बनाई गई जमीन के बदले बंजर और पथरीली जमीन दी जा रही है।जहां सिंचाई के कोई साधन नहीं है। जिला झांसी, ब्लाक बबीना के ग्राम पंचायत मानपुर के किसानों ने चकबंदी रुकवाने के लिए 30 दिसम्बर को डी एम के सामने धरना प्रदर्शन किया हैं।
मुलायम सिंह विश्वकर्मा का कहना है कि हमें पथरीली जमीन दी गई है तो इसमें कैसे खेती करेगे। कमल सिंह का कहना है कि नब्बे प्रतिशत लोगों को खराब जमीन दी गई हैं और पैसे वालों को अच्छी जमीन दी गई हैं। इसलिए नब्बे प्रतिशत लोग चकबंदी नहीं करना चाहते हैं। चकबंदी रुक जायेगी तो इसी जमीन में बच्चें पल जायेगें नहीं तो भूखे मर जायेगें। स्म्रति का कहना है कि हमें खदान जैसी जमीन दे दी गई है तो ऐसी जमीन का क्या करेगे। नाथूराम ने बताया कि चकबंदी से ऐसी जगह जमीन दे दी गई है जहां सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं है। उर्मिला का कहना है कि एक-दो खेत है सरकार इसको भी ले लेगी तो हम फांसी लगाकर मर जायेगे। प्रधान जानकी प्रसाद राजपूत का कहना है कि कुछ किसान अधिक जमीन दबाये हैं इसलिए नहीं चाहते कि चकबंदी हों। सत्तर प्रतिशत लोग चकबंदी कराना चाहतें हैं। चकबंदी अधिकारी पप्पू गुप्ता का कहना है कि चकबंदी नहीं रुकेगी उसकी फाइनल रिपोर्ट तैयार हो गई है।
रिपोर्टर- सफीना

Published on Jan 3, 2018