उत्तर प्रदेश में गहराता रंग भगवा

भारतीय जनता पार्टी की राजनीति राम मंदिर से शुरु हुई थी, और राम मंदिर ने ही भाजपा को देश की दूसरी राष्ट्रीय पार्टी भी बनाया। आज जब भाजपा बहुबल के साथ केन्द्रीय और राज्य की सरकार में काबिज है, तो वे रामनाम की राजनीति कैसे छोड़ सकती है?
ये बात हम आपको इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि आजकल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश दर्शन में निकले हैं। अयोध्या से यात्रा की शुरुआत करते हुए चित्रकूट, आगरा और वाराणसी तक का ये सफर है। इस यात्रा का उद्देश्य भाजपा की राजनीतिक प्रतिबंधता को मज़बूती देना है।

फोटोस: फेसबुक/योगी आदित्यनाथ

योगी आदित्यनाथ करेंगे ताज का दौरा
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटन पुस्तक जारी की, जिसमें गोरखपुर के योगी मठ को तो शामिल किया गया, पर भारत के प्राथमिक पहचान चिन्हों में से एक, ताजमहल को हटा दिया। इसके बाद आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला ऐसा शुरु हुआ, उस पर नेताओं की बयानबाजी इसमें आग का काम कर गई। भाजपा के विधायक संगीत सोम ने ताज को भारतीय संस्कृति पर धब्बा कहा तो आजम खान ने देश में गुलामी की सभी निशानियों को मिटा देने की नसीहत देकर तंज मारा। फिर असदउद्दीन ओवैसी भी इस बयानबाजी में आ गए। इस मुद्दे पर विवाद गहराता देखकर मुख्यमंत्री ने ताज को भारतीयों के खून-पसीने की निशानी कहा। साथ ही 26 अक्टूबर को ताज के दीरार भी कर लिए। हालांकि उनके ताज दौरे को ‘डैमेज कंट्रोल’, या विवाद को संभालने के तौर पर देख सकते हैं।

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चित्रकूट में पधारे योगी आदित्यनाथ
योगी के आये मा मीडिया का नहीं बना कार्ड

मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे को देखें तो दीवाली से एक दिन पहले भव्य दीपोत्सव मनाकर पार्टी अपनी भविष्य की रणनीति का संकेत दे रही हैं। साथ ही इस मुद्दे से पार्टी गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव को भी भुनना चाह रही है। ऐसा नहीं हैं कि मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को पहली बार उठाया है। इससे पहले प्रदेश की सत्ता संभालने के दो महीने बाद 31 को भी वह अयोध्या गए थे। इसके एक दिन पहले ही बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले में सीबीआई कोर्ट ने भाजपा के बड़े नेताओं पर अपना फैसला सुनाया था।

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कभी न देखा ऐसा विकास, लेकिन योगी जी कहाँ गए?
18 अक्टूबर छोटी दिवाली पर सरयू तट पर दीपोत्सव करने के साथ रामकथा गैलरी का शिलान्यास के साथ दिगंबर अखाड़े में भव्य हॉल का शिलान्यास बता रहा हैं कि भाजपा अयोध्या मामले में कोर्ट का फैसला आने तक इस तरह की चीजों से इस मुद्दे को सुर्खियों में बनाए रखना चाहती है। भाजपा अयोध्या मुद्दे पर क्या फैसला करेंगी ये तो भविष्य बताएगा, पर वह आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में इस मद्दे पर राजनीति रोटियां जरुर सेंकने वाली है। साथ ही देश को हिन्दुत्व विचारधारा और भगवा रंग से भ्रमित करने की भी पूरी कोशिश करेंगी।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने इस बार अयोध्या में भव्य दिवाली मनाने का आदेश दिया
अल्का मनराल