उत्तर प्रदेश के न्यायिक और पुलिस हिरासत में होती सबसे ज्यादा मौतें।

साभार: पत्रिका
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राष्ट्रीय मानवाधिकार के अनुसार पिछले एक साल में देश में लगभग 2 हजार मौतें न्यायिक और पुलिस हिरासत में हुई हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्थापना दिवस के मौके पर इसके अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीष एच.एल दत्तू ने यह जानकारी दी कि “सबसे ज्यादा 428 मौतें उत्तर प्रदेश में हुई हैं। ये मौते पिछले साल अक्टूबर से इस साल सितम्बर के बीच हुई हैं, जिसमें 1757 मौतें न्यायिक हिरासत और 192 मौतें पुलिस हिरासत में हुई हैं। उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब में 170 मौतों के मामले सामने आए हैं। जबकि झारखंड में सबसे कम 70 मामले दर्ज हुए थे।”