उत्तराखंड – डेढ़ महीने बाद

मंदाकिनी नदी की चपेट में बह गए घर
मंदाकिनी नदी की चपेट में बह गए घर

उत्तराखंड में भारी बरसात ने अचानक ही राज्य में बाढ़ की स्थिति बना दी। जून 2013 में राज्य के चार हज़ार से ज़्यादा गांवों पर असर पड़ा। केदारनाथ, बदरीनाथ और हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थानों के लिए मशहूर उत्तराखंड, इस समय भक्तों और गर्मी की छुट्टियां मना रहे लोगों से भरा हुआ था।

 

जि़न्दगी को फिर से सहेजते हुए- राहत के तहत मिले कपड़े
जि़न्दगी को फिर से सहेजते हुए- राहत के तहत मिले कपड़े

14 जून से 17 जून के बीच रातों रात उत्तराखंड में सामान्य से चार गुणा बारिश हुई। रुद्रप्रयाग जिले में सबसे भारी नुक्सान हुआ। हज़ारों लोगों के परिवार, घर बिखर गए। लगातार होती बारिश ने राहत कार्य में भी रुकावटें पैदा की। कुछ राहत कर्मी भी मारे गए। राहत कार्य अब तक जारी है।

 

जब पैरों तले ज़मीन खिसक गई- तेज़ बरसात से गायब सड़क
जब पैरों तले ज़मीन खिसक गई- तेज़ बरसात से गायब सड़क

सरकारी आकड़ों के अनुसार हज़ारों लोग मारे गए और लगभग छह हज़ार लापता थे। 15 जुलाई तक न मिलने पर सरकार को इन लोगों को मरा घोषित करना पड़ा। पिघलती टूटी सड़कें, बीच-बीच में हो रही बारिश से अभी तक खतरा बना हुआ है।