इस बार फीकी रही मस्ती

masti-sm_061716110742फिल्म का नाम: ग्रेट ग्रैंड मस्ती
निर्देशक: इन्दर कुमार
स्टार कास्ट: रितेश देशमुख, आफताब शिवदसानी, विवेक ओबेरॉय, संजय मिश्रा, उर्वशी रौतेला, पूजा बोस, मिष्टी, श्रद्धा दास

निर्देशक इन्दर कुमार की ‘मस्ती ‘ सीरीज की दोनों फिल्में टिकट खिड़की पर अच्छा बिजनेस कर चुकी हैं लेकिन यह तीसरी फ़िल्म दर्शकों को हताश कर रही है।
कहानी में तीन ऐसे किरदार हैं जो अपनी शादीशुदा जिंदगी में पत्नी के होते हुए भी खुश नहीं हैं। इनमें अमर सक्सेना (रितेश देशमुख), मीत मेहता (विवेक ओबेरॉय) और प्रेम चावला (आफताब शिवदासानी) शामिल हैं। किन्ही कारणों से अमर, मीत और प्रेम को शहर से गांव जाना पड़ता है, जहां एक हवेली में उनकी मुलाकात रागिनी (उर्वशी रौतेला) से होती है और फिर सिलसिलेवार घटनाक्रम में कई सारे उतार चढ़ाव आते हैं और फिर रामसे (सुदेश लहरी) और गांव की गोरी शिनी (सोनाली राउत) की भी एंट्री होती है। आखिरकार क्या होता है, ये आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा।
फिल्म की कहानी काफी कमजोर है, जहां फ़िल्म का पहला भाग काफी सुस्त है। वहीं इंटरवल के बाद का हिस्सा तो और भी कमजोर लगता है, हालांकि संजय मिश्रा और रितेश के संवाद आपको कहीं-कहीं जरूर हंसाते हैं लेकिन नाम के अनुसार फिल्म में बहुत सारी कमियां हैं।
रितेश देशमुख का अभिनय काफी अच्छा लगता है वहीं संजय मिश्रा और रितेश की सासु मां का किरदार निभाती हुईं उषा नदकरिणी जी ने काफी अच्छा काम किया है। विवेक ओबेरॉय, आफताब शिवदसानी, उर्वशी रौतेला, पूजा बोस, मिष्टी, श्रद्धा दास और बाकी लोगों ने भी ठीक अभिनय किया है।
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी और कमजोर कलाकार है, जिसे और भी बेहतर किया जा सकता था। फिल्म का संगीत ठीक है लेकिन कहानी से ज्यादा गाने सुनाई पड़ते हैं जो उबाने लगते हैं।
वैसे देखने के लिए इस फ़िल्म में कुछ भी नहीं है इसलिए अगर कभी टीवी पर आएगी तो देख लीजिएगा।