इमारत भर बनाय से नई पूरी होत जिम्मेदारी

सरकार ने आदमियन के सुविधा खे लाने गांवन-गांवन उपकेन्द्र ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनवाये हें, पे गांव के आदमियन खा सरकारी सुविधा कित्ती मिलत हे। जा बात खा स्वास्थ्य विभाग के बडे अधिकारियन खा देखे खा चाही। हम बात करत हें कबरई ब्लाक के पहरा गांव खे। जिते सरकार ने करोड़न रूपइया खर्चा करके प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनवाओ गओ हे, पे एते कोनऊ डाक्टर खे नियुक्ति हे कि नइयां जा बात गांव खे आदमियन खा पतो नइयां।
का सरकार खे जिम्मेदारी सिर्फ इमारत बनवाओं कि आय? ऊमें डाक्टर कि नियुक्ति हे ओर ऊ समय से अस्पताल जात हें कि नई जा जानकारी भी बड़े अधिकारियन खा राखे खा चाही। इत्ती मेहनत ओर रूपइया खर्च करें के बाद तो इमारत बन के तैयार करा दई जात हे, पे वार्ड बाय खे सहारे चलत हे। का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में वार्ड बाय ही सबसे ज्यादा जानकार होत हे? जभे अस्पताल वार्ड बाय के सहारे चलाये खे तो पन्द्रह-बीस हजार रूपइया को महीना देके डाक्टरन खें भर्ती काय करी जात हे?का सरकार डाक्टरन खा घर में बेठे खा रूपइया देत हे। एसई उपकेन्द्रन खा देखो जाय तो न ओते डिलेवरी कराई जात हे न टीका लगाये जात हें। गांवन में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ओर उपकेन्द्र में डाक्टर ओर ए.एन.एम. आउत हे कि नई केन्द्र खुलत हे कि नई। जा स्वास्थ्य विभाग खे अधिकारियन खा देखे खा चाही।