इनवर्टर चले तो पंखा चले, बिजली तो गायब ही रहती है, फैजाबाद जिले के महबूबगंज कस्बे में

जिला फैजाबाद, ब्लाक मया, क़स्बा महबूबगंज गांवन मा अट्ठारह घंटा विजली दिये कै सरकार कै दावा फेल हुवत नजर आवत बाय।हिया ताऊ अट्ठारह गन्ता की जगह आठ घंटा भी विजली मिलब मुश्किल भा बाय। जिला फैजाबाद, ब्लाक मया, क़स्बा महबूबगंज गांवन मा अट्ठारह घंटा विजली दिये कै सरकार कै दावा फेल हुवत नजर आवत बाय।हिया ताऊ अट्ठारह गन्ता की जगह आठ घंटा भी विजली मिलब मुश्किल भा बाय।  दिग्विजय चौहान कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के मालिक कै कहब बाय कि लगभग पचास गेदहरा सीखाथे। कउनौ समय नाय बाय विजली कै। बहुत ही असुबिधा बाय। बच्चे आपन प्रेडिकल नाय कै पउते। प्रधान मंत्री ग्रामीण डिजिटल योजना के तहत निःशुल्क कंप्यूटर पशिक्षण सिखावा जात बाय। वहमा हम टेंडर लेहे हई उहौ नाय कराय पावत हई विजली बिना। बिजली कटौती से जहां मनइन कै रोजगार बंद बाय वहीँ बच्चों के साल भर के कोर्स डेढ़ साल मा भी पूरा हुवय के उम्मीद नाय बाय। विकास छात्र कै कहब बाय कि लालटेन जलाय के पढाई करीथी।सरकार मिटटी कै तेल भी नाय दियत बाय।  छात्र विनायक कै कहब बाय कि करीब दुई तीन साल से विजली कै समस्या बाय। जब तक इनवर्टर चार्ज रहाथै तब तक कम्प्यूटर चलाथै वकरे बाद बंद होय जाथै।विभा छात्रा कै कहब बाय कि विजली कबहू कबहू रहा थै तौ प्रेडिकल कै लीथी नाहीं तौ वापस जाय का पराथै। विक्रम सिंह कै कहब बाय कि विजली व्यवस्था बहुत ही ख़राब बाय। शिक्षा भी एसे काफी पीछे जात बाय। पन्द्रह दिन भा ट्रांसफार्मर बदले लकिन सिर्फ बोल्टेज मा ही सुधार भा बाय। अमरनाथ यादव कै कहब बाय कि सबेरे नौ बजे बिजली कटगए तौ पुरे दिन भर गायब रहाथै। रात मा एकात बार आय भी जाथै तौ दस मिनट मा फिर चली जाथै। बिजली के यहि आवाजाही मा रात मा सोय नाय मिलत।धंधा अलग से बंद बाय।  बिजली विभाग के एस.डी.ओ पंकज तिवारी बताइन कि ओवरलोडिंग मा समस्या चलत बाय। एक नया बिजली घर दिलासीगंज मा बनत बाय। ऊ बनि जाये तौ वाही फीडर मा जेतनी भी समस्या बाय सब खत्म होय जाये।बिजली घर येही साल चालू होय जाये। वहिंसे तीन फीडर निकले एक दिलासीगंज, समंथा अउर एक महबूबगंज गोशाईगंज साइड मा कवर करे।

रिपोर्टर- संगीता

 

15/06/2017 को प्रकाशित