इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वृधा पेंशन योजना का नया रूप देखिए छतरपुर जिले के महेबा में

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन योजना समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदेश के वृद्ध लोगों के लिए पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता करने के उद्देश्य से 1994 से संचालित है। जिला छतरपुर के गांव महेबा के वृद्ध आज भी पेंशन के इंतजार में बैठे हैं। पेंशन न मिलने पर वो अपने घर का खर्चा कैसे चलायेगें ?
लाल साहू और राम बाई का कहना है कि हमें कभी पेंशन नहीं मिली है। सरपंच पेंशन नहीं लगाता तो क्या करें, कह देता है अभी उम्र नहीं हुई है। नन्ही बाई ने बताया कि दोनों बुड्ढा-बुड्ढी है, हमारे घर में कोई नहीं है। बहुत मुश्किल से घर का खर्चा चलता है। सावित्री का कहना है कि लड़को से आसरा नहीं है जो भी हल्का-फुल्का काम मिलता है कर लेते हैं। पुनिया देवी ने बताया कि सेक्रेटरी से कहते है तो आश्वासन बस देता है। मेरे पति का पैर भी टूट गया है कुछ काम नहीं कर पाते हैं। नत्थू का कहना है कि सरपंच, ग्रामसेवक कोई नहीं सुनते हैं।
सरपंच प्रतिनिधी रणवीर सिंह का कहना है कि लोगों के पास बीपीएल राशनकार्ड नहीं है, इस कारण पेंशन नहीं मिल रही है।
समग्र जन प्रभारी रोहित आनन्द का कहना है कि राशनकार्ड नहीं है, उम्र कम है और विकलांगता का प्रतिशत कम है। इन्हीं सब कारणों से लोगों को पेंशन नहीं मिल पा रही है।

रिपोर्टर- नसरीन

Published on Apr 3, 2018