आ गया शुक्रवार? चलो मूवी देखने चले!

बाबूमोशाय बन्दूक्बाज़

कलाकार: नवाजुद्दीन सिद्दिक्की, जतिन गोस्वामी, बिदिता बाग़, दिव्या दत्ता, श्रद्धा दास

निर्देशक: कुशान नंदी     

आज रिलीज़ हो रही है हमारे यूपी भैय्या स्टार, नवाज़ भाई, की ही नई करारी विवादित मूवी!

कहानी है बाबू बिहारी (नवाजुद्दीन सिद्दिक्की) और बांके बिहारी (जतिन गोस्वामी) की, दोनों यूपी के सुपारी लेके हत्या करने वाले गुंडे। बाबू 10 साल की उम्र से ही हत्याएं करने का काम कर रहा है। पहली हत्या उसने खाने के लिए की थी। वहीँ बांके बाबू का फैन है और उसकी तरह बनने के सपने देखता है। बांके की गर्लफ्रेंड यास्मीन (श्रद्धा दास) बॉलिवुड गानों पर डांस करती है और उसके लिए लोगों के मरवाने के कॉन्ट्रैक्ट लाती है। बाबू की गर्लफ्रेंड फुलवा (बिदिता बाग़) एक मोची है, और बड़े गरम दिमाग की दिखाई गई है।

फिल्म में दिलचस्प मोड़ तब आता है जब दोनों के टारगेट एक हो जाते हैं। यानी दोनों को किसी खास शख्स की हत्या की सुपारी मिल जाती है। दोनों यह तय करते हैं कि जो ज्यादा लोगों को मारेगा वही नंबर वन किलर कहा जाएगा। हालांकि दोनों इस बात से अनजान रहते हैं कि उनकी प्रतिस्पर्धा के बीच एक खेल और खेला जा रहा है। लोकल बहनजी (दिव्या दत्ता) भी रच रही हैं कोई षड़यंत्र! फिल्म में जहां गोलियों की आवाज का बहुत शोर है, वहीँ गालियां भी कम नहीं।

सेंसर बोर्ड में ये फिल्म काफी विवाद में रही थी, और इसकी भाषा पर पूर्वी अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने ऐतराज़ किया था, जिसपर फिल्म के स्टार कलाकार नवाज़ भाई ने पुछा था की सुपारी लेके ह्त्या करने वाले गुंडे इज्ज़त से तो बात नहीं करते, जो फिल्म में भाषा उस तरह से दिखाई जाए। सेंसर बोर्ड के नए अध्यक्ष प्रसून जोशी के आते ही इस फिल्म को रिलीज़ के लिए घोषित कर दिया गया था।