आसन बनावत मेहरारू

30-08-13 mahila mudda Dhakvaजिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर,गावं ढकवा।  इ गावं के लगभग बीस मेहरारू पुजारी के बइठ के पूजा करे वाला आसन बनावलीन। इ काम इहां लगभग एक पीढ़ी से होत हव।
आसन बनावे वाली मिसब्बी निषाद के कहब हव कि हमने आसन बनावे खातिर के सबसे पहिले सरई काट के लियावल जाला। आकरे बाद तोड़ा खरीद के ली आवल जाला। तब ढांचा पर के बिनल जाला। हमने एक दिन में चार पत्ता बिनल जाला। दस पत्ता बाइस रूपिया के बिकला। इ आसन लोग खाली पूजा के काम से लेवेलन। काहें से कि एही आसन पर बइठ के पुजारी लोग पूजा करलन। इ आसन बनारस में बिकला। आसन लेवे आवलन। आउर लेके जालन। हमने के गावं के मेहरारू लइकीन एही आसन बनावे के काम करलीन। इ काम खाली मेहरारू लइकी करलीन।