आशाओं में निराशा मेहनत ज़्यादा पैसा कम

ज़िला सीतामढ़ी और शिवहर। यहां कुल चार हज़ार चार सौ चैसठ आशा कार्यकत्री हैं। इनको काम के बदले प्रोत्साहन राशि मिलती है। वह भी समय से नहीं। आशाओं की मांग है कि उन्हें समय से राशि मिले साथ ही मानदेय और टी.ए भी मिले।
सीतामढ़ी के रीगा प्रखण्ड की आाशा सुन्दर देवी, पंछोर के अनिता देवी समेत कई और आशाओं का कहना है कि हम गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की देखभाल करते हैं। भागदौड़ करके महिलाओं को अस्पताल ले जाते हैं। लेकिन प्रोत्साहन राशि कभी समय से नहीं मिलती। इतनी मेहनत और सिर्फ छह सौ रुपए। विभाग द्वारा बुलाए जाने पर घर से भाड़ा लगाकर पहुंचना पड़ता है।
शिवहर के तरियानी प्रखण्ड के सरवरपुर गांव की आशा कुमारी, निमाही गांव की आशा सरिता कुमारी ने भी प्रोत्साहन राशि समय से न मिलने की बात कही। यह भी कहा कि जब काम इतना मेहनत वाला है तो फिर मानदेय और टी.ए. भी मिलना चाहिए। तरियानी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी सुधीर कुमार का कहना है कि आशा को न तो टी.ए. मिलता है न डी.ए.। इनको काम के अनुसार पैसा दिया जाता है। जो जितना काम करे उसे उतना पैसा मिलता है।