आरोपी विधायक को कैसे बचाये सरकार? उन्नाव और बाँदा में बलात्कार की शिकायतकर्ता की करारी टिप्पणी

2011 मा बसपा पार्टी के विधायक पुरुषोत्तम दिवेदी के ऊपर शीलू बलात्कार का आरोप लगाइस रहै तौ उल्टा शीलू के ऊपर चोरी का गलत आरोप लगाके वहिका डेरवावा अउर धमकावा गा रहै। समझौता के दबाव के बादौ शीलू नियाव के लड़ाई लड़िस अउर 2015 मा पुरुषोत्तम दिवेदी का बलात्कार के आरोप मा दस साल के सजा होइगें है। अप्रैल 2018 का उन्नाव मा भाजपा पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के ऊपर एक लड़की बलात्कार का आरोप लगाइस है, शीलू खातिर या मामला वहिके मामला जइसे है।
शीलू का कहब है कि जबै लड़की के पीछे कउनौ मजबूत मड़ई नहीं होत तौ वा मजबूरी मा दबत है। आरोप वापस ले खातिर जान से मारे के धमकी दीन जात है। जबै मैं जेल से निकली रहिव तौ मड़ई कहत रहै कि जान से मार डलिहैं, मोरे लगे कउनौ पावर नहीं रहा आय मैं तौ किसान के एक गरीब लड़की आहूं। मीडिया मोर साथ दिहिस है तौ मोहिका नियाव मिला हैं। जेहिके सरकार होत हवै वहिके सुनवाई होत है। अधिकारी अउर कर्मचारिन के कउनौ गलती नहीं आय।

रिपोर्टर- गीता देवी 

Published on Apr 13, 2018