ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आधार और पैन कार्ड के जुड़ाव के मुद्दों पर केंद्र सरकार की सुप्रीम कोर्ट से बात

साभार: फ्लिकर

पैन कार्ड न बनने की समस्या से जूझ रहे ट्रांसजेंडरों के लिए केंद्र सरकार ने राहत दी है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसजेंडर सत्य श्री शर्मिला की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय तीसरे जेंडर का कॉलम भी रखा जाएगा। इसके लिए वो सॉफ्टवेयर को अपडेट करेगी और समस्या का सामाधान जल्द निकाला जाएगा।
बता दें कि मुंबई की रहने वाली ट्रांसजेंडर सत्य श्री शर्मिला का कहना था किआधार कार्ड में तीसरे जेंडर का कॉलम है लेकिन पैन कार्ड में नहीं है जिसकी वजह से आधार में अलग जेंडर और पैन कार्ड में अलग जेंडर हो गया है।
परेशान होकर सत्य श्री शर्मिला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट में सरकार के वकील हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कहा कि सरकार किसी को परेशान नहीं करना चाहती। हमें 4 हफ्तों का समय दिया जाए और हम देखेंगे कि सॉफ्टवेयर को कैसे अपडेट किया जाए। हुसैन की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने उनका बयान दर्ज किया और मामले को स्थगित कर दिया ताकि सरकार इसके समाधान के साथ आ सके।