आठ हैंडपम्प ने दिया जवाब, तो दो उगल रहे दूषित पानी, चित्रकूट के गल्ला मंडी की कहानी

चित्रकूट जिला, ब्लाक कर्वी के गल्ला मंडी के हालत बहुतै खराब हवै, काहे से हिंया देखै खातिर तौ दस हैन्डपम्प लाग हवैं पै जउन चलत हवै तौ वहिमा गंदा पानी निकलत हवै। जेहिका पी के मड़ई बीमार पड़त हवैं। मंडी मा पानी के टंकी भी बनी हवै पै वहिमा भी पानी नहीं आवत आय। सरकार साफ पानी खातिर हर साल करोड़न रुपिया खर्चा करत हवै पै मड़ई हिंया आज भी गंदा पानी पिए का मजबूर हवै।
रानी देवी का कहब हवै कि पानी से तौ सबै काम होत हवै, पानी न होय तौ मड़ई मर जायें। एक हैन्डपम्प चलत हवै तौ वहिसे काम चलाइत हवै। प्रशांत शुक्ला बताइस कि हिंया के हैन्डपम्प खराब हवै तौ बाजार से पानी पिए जइत हवै। बद्री प्रसाद का कहब है कि मंडी मा दूरी-दूरी से व्यापारी आवत हवैं, पै हैन्डपम्प खराब पड़े हवै तौ मड़ई गेट के लगे पानी पिए जात हवैं। राम निहोर गुप्ता का कहब हवै कि पाइप नहीं लाग आहीं नहीं तौ पाइप लाइन से भी काम चलत। हिंया रोज लगभग हजार पांच सौ मड़ई रोज आवत हवैं।
सदर विधायक चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय का कहब हवै कि मंडी के हैन्डपम्प के जांच करवा के जल्दी बनवावा जई।

रिपोर्टर- सहोद्रा

Published on Feb 19, 2018