आज गांधी के विचार ज़िंदा हैं या नाथूराम गोडसे? देखिये चित्रकूट के लोगों की राय

हिंसा कायरता का लक्षण आय, महात्मा गांधी या बात का उत्तर प्रदेश मा कहिन रहै। 30 जनवरी 2018 गांधी का शहीद भें सत्तर साल होइगें हवैं। पै उत्तर प्रदेश के हिंसा खतम नहीं भे आय। उत्तर प्रदेश के कासगंज मा पिछले हफ्ता जउन हिंसा भड़की रहै, राज्यपाल या घटना का उत्तर प्रदेश के लाने धब्बा कहिन रहै। गांधी के अहिंसा के सिद्धांत का हम भूल चुके हन?या गांधी जयंती अउर शहीद दिवस मा हम यहिका याद बस करित हवैं?
वकील दमयन्ती का कहब हवै कि गांधी के विचार का पालन कइके उनकर रास्ता मा चले का चाही। आज गांधी जी होत तौ आज के राजनीति देखन के राजनीति से अलग होइ जात अउर अफ्रीका जा के राजनीति करत। हेमराज बताइस कि गांधी जी हमार आदर्श आहीं, उंई हमें आजादी देवाइन रहै। शंकर का कहब हवै कि गांधी जी के बात कीन जाय तौ उंई भगवान के श्रेणी मा आवत हवै। देश मा बहुतै सारी राजनीतिक पार्टी हवैं। पै जउनतान गांधी जी कइके गें हवै उनकर जइसे कोउ नहीं कइ सकै।

रिपोर्टर- मीरा जाटव और नाजनी रिजवी

Published on Jan 30, 2018