आखिर क्यों बरसात आने से डर रहे हैं महोबा जिले का कमालपुर गांव के लोग

जिला महोबा, गांव कमालपुरा बरसात को मौसम कोन को पसंद नइया हर कोऊ को बरसात के मौसम को इन्तजार रत। लेकिन कमालपुरा के आदमी बरसात के आबे से पहले ही डरा रए। इते पिछले साल चार किलो मीटर लम्बे और चौबीस फीट गहरेतालाब को खुदवाओ गओ।जिला महोबा, गांव कमालपुरा  बरसात को मौसम कोन को पसंद नइया हर कोऊ को बरसात के मौसम को इन्तजार रत। लेकिन कमालपुरा के आदमी बरसात के आबे से पहले ही डरा रए। इते पिछले साल चार किलो मीटर लम्बे और चौबीस फीट गहरेतालाब को खुदवाओ गओ। तालाब ठीक से न बनबे से टूटबे की हालत पे हे। अगर जा साल बांध की जल्दी से जल्दी मरम्मत नइ भइ तो बरसात की बाढ़ से आदमियन को दिन और रात एक हो सकत। जा तालाब से लगभग पंद्रह गांव की खेती की सिचाई होत। बांध  में दरार पिछले साल ही आ गयी और अब बांध टूटबे को डर आदमियन को दिन प्रतिदिन दिन बढ़त जा रओ। गांव के आदमियन को केबो हे के अगर बरसात में बांध टूटो तो कमालपुर, लाडपुर, मुहारी, अतरपठा जैसे गांव बाढ़ में बह जेहे। गांव वालिन को कबो हे के पिछली साल डी एम् और पूर्व मुख्यमंत्री आस्थाई प्लास्टर करवा गये ते अब जा मुसीबत फिर से आ गयी। जा बार भी डी एम् को जन सूचना प्राथनापत्र लिखो गओ लेकिन बाको भी कोनऊ जबाब नइ दओ गओ। केशरानी ने बताई के सुधरने  चाहिए तालाब भये हे के अगर टूट जेहे तो सब आदमी बह जेहे। राजकुमार ने बताई बरसात में पानी पाइप लाइन से ऊपर आ जात तो सौ प्रतिशत सम्भावना हे के गांव बह जेहे। और जो आस पास के गांव हे सब बह जेहे। रमेश चन्द्र ने बताई के सब जने नेता और अधिकारियन  से डरात  हे उनकी सुनी नइ जात बल्कि उनके ऊपर आरोप लगा दओ जात। जा से कोऊ आवाज नइ उठा रओ। भगबे के लाने तैयार हे सब के जिते जैसे गुजारो हुए उते भग चले। ठेकेदार मट्टीडार के चले गये ते बो भी तीन चार फुट धस गयी ती पानी बंद नइ हो रओ तो सो कछू आदमी भग गये ते। और हम जइ प्यास में रए के कोनऊ भी प्रकार से जाको बचाव होबे। अधिकारियन से फ़ोन से संपर्क करो लिखित में मांग करी। जब अगस्त के महीना में गांव भगन लगो तो डी एम् और एस पी आय। बाके बाद बरसात निकर गयी दुबारा बरसात आ गयी लेकिन कछू नइ भओ। इतनी बढ़ी बढ़ी दरारे फट गयी तालाब के भीतर के बे फिर परेशान करन लगी। विश्म्भर सिंह अधिशाषी अभियंता सिचाई विभाग ने बताई के उते के जो प्रधान जी हे पुराने वाले बे खुरापाती हे। पिछली बार भी चार पांच फुट पानी हतो बई में हल्ला मचा दओ तो बांध टूट रओ बांध टूट रओ एसे आदमियन को डरा दओ। आदमी हल्ला मचान लगे जब रात के एक दो बजे गये देखो उते कछू नइ हतो। अगर पानी ऊपर आत भी हे तो दो किलो मीटर दूर हे गांव और बगल में नालो भी हे जासे कोनऊ दिक्कत की बात भी नइया।

रिपोर्टर- श्यामकली 

12/06/2017 को प्रकाशित