आइए चलते हैं ललितपुर जिले के उस गांव में जहां तैयार हैं सुरों के बादशाह

जिला ललितपुर। यहां एक स्कूल ऐसा भी है जहाँ  बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ नि शुल्क संगीत की शिक्षा भी दी जाती हैं।
संगीत मास्टर संजय कुमार का कहना है कि हमारे यहां हरमोनियम और ढोलक सिखाई जाती हैं।यहां से सौ बच्चे संगीत सीख कर अच्छी अच्छी जगह काम कर रहे हैं।यहां की  व्यवस्था में कमी है।अच्छी व्यवस्था हो जाती तो बच्चों का भविष्य उज्जवल  होता।
छात्र स्वामीस का कहना कि चार-पांच साल की उमर से  ढोलक बजाना सीख रहा हूँ।रामप्रवेश और प्रीतम प्यारे का कहना है कि दस बारह गांव के लगभग दो सौ बच्चे यहां संगीत सीखनें आते हैं।हमारी  संगीत पार्टी शादी,जन्मदिन  और बधाई समारोह जैसे कार्यक्रम में जाते हैं।सुरेन्द्र का कहना है कि संगीत में कम पैसा  मिलता है परन्तु संगीत में ही आगे बढ़ना चाहते हैं।

बाईलाइन-सुषमा

04/10/2017 को प्रकाशित