अस्पताल के समस्या के ताई जिम्मेदार के?

पी.जी.आई. अस्पताल अम्बेडकर नगर मा 2010 से चलत बाय लकिन आज तक वहमा सुविधा नाय भै। मरीज दूर दूर से दवा के ताई आवाथे जेसे उनका सुविधा मिलै। अउर अच्छे से इलाज होय सकै। यही सोचके सब दवा के ताई आवाथे। लकिन हकीकत तब पता चलाथै जब अस्पताल मा पहुंचाथे।
अस्पताल मा कहूं लिफ्ट तौ कहूं गीजर खराब हुवय से दिक्कत झेलै का परत बाय। हर अस्पताल मा देखा जाथै कि कहूं दवा कै अभाव बाय तौ कहूं मरीजन का पानी नाय मिल पावत। ई सब समस्या जैसे आम समस्या बनिगै बाय। लकिन षासन प्रषासन नाय जानत कि इहै सबसे बड़ी जनता कै समस्या आय।
जब अस्पताल मा सारी सुबिधा हुवय के बाद षुरू हुआथै तौ काहे नाय मरीजन का दीन जात? अगर अस्पताल मा गीजर या लिफ्ट कै खराबी बाय तौ काहे नाय बनुवाय जात? का मरम्मत के ताई पैसा नाय आवत? षासन प्रषासन षौचालय कै असुबिधा, पानी, जैसेन समस्या का छोट मोट समस्या समझाथै। ई काहे नाय समझते कि मनइन कै इहै सबसे बड़ी समस्या आय? अउर ई समस्या कै समाधान करब सबसे जरूरी बाय।