अरे! जरा ठहरिए जनाब, इस खडंजे में आप भी फस सकतें हैं देखिए बांदा जिले के भाथा गाँव से

बांदा जिले के भाथा गांव मा हिंया ना, तौ नाली आहीं अउर ना तौ खडंजा आय। हिंया कीचड़ के कारन वाहन हमेशा से फस जात रहैं। हिंया के मड़इन का आरोप है कि जउन हिंया के प्रधान अउर सचिव हैं। वुई सुनतै नहीं आहीं। हाथ पांव जोड़के वोट लई लेत हैं। कहत हैं कि हिंया नाली अउर खडंजा बनवा देब।

ओमप्रकाश पाल बताइस है कि हिंया अगल बगल नाली अउर बीच मा खडंजा बन जाये तो परेशानी से मुक्त होई जाब। या बात का ना तौ प्रधान सुनत आय अउर ना तौ कउनौ अधिकारी सुनत आय। राजाबाबू का कहब है कि 2002 का नल लाग आय, तबै से हिंया एकौ नल तक नहीं लाग आहीं। हर पंचवर्षीय निकर जात है, पै हिंया के खातिर कउनौ सुनत नहीं आय। या गंदगी से बीमारी, मच्छर, पानी भरा रहत है। हिंया कउनौ विकास नहीं भा आय।

प्रधान चन्द्रपाल बताइस है कि हिंया का अइसा कउनौ जघा नहीं जहाँ आर.सीसी ना होय। हां एक दुई पुरवा बीएस गे है जहाँ खडंजा नहीं आय। वहिकर खातिर एक साल पहिले कार्ययोजना माँ दरखास दई चुके हौं। बजट आ जाये तौ काम शुरू कीन जाए।

सचिव बृजेश प्रजापति नाली बनवा के खडंजा बिछवा दीन जई। अबै जउन कार्य होत हैं वुई पुरान कार्ययोजना के तहत होत हैं। जबै कार्ययोजना अनुनोदन बन के आ जई, तौ 60, 40 के रेसियों से बनवावा जई।

रिपोर्टर: शिवदेवी

Uploaded on May 24, 2018