अपने हुनर को हाथों से आकार देते ललितपुर के लोग…

जिला ललितपुर, ब्लाक महरौनी, गांव कुम्हैडी अपनी-अपनी कला दिखाबो भी एक हुनर होत कोऊ कछू काम शौक से करत तो कोऊ की मजबूरी हो जात तो कोऊ अपनों पुरखन से चलो आ रओ काम हे जा से करत।
सबके पास एक कला होत लेकिन कोऊ के पास कछू हे तो कोऊ के पास कछू हे। एसे ही कुम्हैडी गांव के रेबे वाले गया सिंह अपनी कला से बनात मट्टी के बर्तन और मटका।
गया सिंह ने बताई के जो काम हमाय बाप ने सिखाओ तो हमे। हमे करत करत जा काम को पंद्रह बीस साले हो गयी। अब एसी कोनऊ चीज नइया के जो हम ना बना पात होबे।
लेकिन जे सब बनाबे में मेहनत भी भोत लगत। एक दिन में बीस बना लेत। एक महिना पहले से बनाबो शुरू करत फिर बना बना के रख लेत सूख जात फिर एक दिन अबा लगात सो सब पका लेत। फिर उनपे रंग पोत के बेचबे जात। हम सब कछू बना लेत। दिया, मटका, हडिया, तैया, घेला, गगरी सब कछू।

रिपोर्टर- सुषमा

Published on Apr 4, 2017